viw.kZ dk;ksZ dks le; lhek esa iwjk djkosa& dysDVj
foHkkxh; dk;ksZ dh leh{kk cSBd vk;ksftr
';ksiqj] 23 tuojh 2013
dysDVj Jh Kkus'oj ch ikVhy us dgk gS fd jkT; ljdkj dh ea'kk ds vuq:i ';ksiqj ftys ds fodkl ds fy, Lohd`r fd;s x;s lHkh iw.kZ dk;ksZ dks le; lhek esa iwjk djk;k tkosA lkFk gh iw.kZ dk;ksZ dh lhlh tkjh dh tkosA os vkt dysDVj dk;kZy; ';ksiqj ds lHkkd{k esa vk;ksftr LokLF;] efgyk cky fodkl] f'k{kk] vkfne tkfr dY;k.k vkSj ftyk f'k{kk dsUnz ds varxZr lapkfyr dk;ksZ dh leh{kk cSBd esa dk;kZy; izeq[kksa dks fn'kk funsZ'k ns jgs FksaA
cSBd esa ftyk iapk;r ds eq[; dk;Zikyu vf/kdkjh Jh ,pih oekZ] lgk;d vk;qDr vktkdk Jh vkj,Q ifjgkj] ftyk f'k{kk vf/kdkjh Jh vjfoUn flag] lh,e,pvks MkW- ,ds eqn~xy] dk;Zdze vf/kdkjh efgyk cky fodkl Jh lat; Hkkj}kt] lgk;d ;a=h Mhihlh dk;kZy; Jh nhid f=ikBh] ch,evks] lhMhihvks] mi;a=h vkSj lacaf/kr foHkkxksa dk v/khuLr dk;Zikfyd veyk mifLFkr FkkA
dysDVj Jh Kkus'oj ch ikVhy us dgk fd ';ksiqj ftyss ds fodkl dks xfr nsus ds fy, gj laHko iz;kl fd;s tkosA ftuesa dksbZ Hkh viw.kZ dk;Z iwjk ugha djus ls NwVuk ugha pkfg,A mUgksus dgk fd pkyw foRrh; o"kZ ds lHkh dk;Z izxfr ij pyrs jguk pkfg,A ;g dk;Z ekpZ ekg ds var rd iw.kZ gksuk pkfg,A blh izdkj foxr foRrh; o"kZ ds fodkl vkSj fuekZ.k le; lhek esa iwjs djk;s tkosA lkFk gh tuojh ekg ds var rd iw.kZ dk;ksZ dh lhlh tkjh dh tkosaA mUgksus dgk fd fdfpu'ksM] vfrfjDr d{kk] 'kkyk Hkou] vkaxuokMh dsUnz] Nk=kokl] vkJe vkfn dk;ksZ esa izxfr vkuh pkfg,A ftlds fy, lacaf/kr ,tsalh dsk ikcan fd;k tkosaA
dysDVj Jh ikVhy us dgk fd ,slh 108 'kkykk,sa ftuesa is;ty ds fy, gS.MiEi [kuu ugha djk;k x;k gSA mudh lwph dk;Zikyu ;a=h ih,pbZ dks [kuu ds fy, miyC/k djkbZ tkosaA mUgksus dgk fd Hkou fuekZ.k dh Hkwfe esa vO;oLFkk QSykus okys O;fDr;ksa ds izdj.k ,lMh,e ds ek/;e ls rS;kj fd;s tkosA lkFk gh /kkjk 92 esa uksfVl tkjh djk;s tkosA mUgksus dgk fd fdfpu'ksM vkSj lk>k pwYgk dk;Zdze ds dk;ksZ dh leh{kk dh tkosA lkFk gh Lo lgk;rk lewgks dks e/;kUg Hkkstu vkSj lka>k pwYgk dk;Zdze ds varxZr 6 ekg dk ijekusaV vkjvks dkVk tkosA ftlls osa vko';drk ds vuqlkj le;≤ ij xsagw dk mBko dj ldsaA lkFk gh iks"k.k vkgkj dh jkf'k dk vfxze Hkqxrku fd;k tkosaA
tuuh ,Dlizsl dk ykHk lHkh izlwrkvksa dks feyuk pkfg,A lkFk gh u;kxzksFk pkVZ ,,u,e dks Hkjus ds fy, miyC/k djk;k tkosA ftlls os vkjksX; dsUnz ij j[k ldsA mUgksus dgk fd isk"k.k iquokZl dsUnzksa dks LokLF; ,oa efgyk cky fodkl fu;fer :i ls lapkfyr djus dh O;oLFkk lqfuf'pr djsaA blh izdkj Ms ds;j dsUnzksa ds ek/;e ls {ks= ds detksj cPpksa dks iksf"kr djus igy dh tkosA mUgksus dgk fd dq"V jksfx;ks adsk fpUgkfdr fd;k tkdj] okLrfor gdnkj dks ,dy vkokl vkSj uxn jkf'k nsus dh O;oLFkk lqfuf'pr dh tkosA mUgksus dgk fd uxjh; {ks= ';ksiqj esa flVh fMLisaljh [kksyus dk izLrko 'kklu dks Hkstk tkosA
LokLFk; foHkkx ds eSnkuh veys dsk ch,l,u,y dh fle fu%'kqYd :i ls iznku dh tk jgh gSA bl fn'kk esa egkizca/kd@lgk;d egkizca/kd ch,l,u,y dks iwjs ftys esa ch,l,u,y dh lsok tgka ugha gS mu {ks=ksa esa dusDVfoVh izkajHk djus gsrq fy[kk tkosA mUgksus dgk fd QkekZflLV] MkVkbaVªh vkWijsVj vkSj liksVZ LVki ds inksa dh iwfrZ dh fn'kk esa 'kh?kz dk;Zokgh dh tkdj]lHkh vkosndsk dh lwph rS;kj dh tkosA ftlds vk/kkj ij vuafre lwph rS;kj dh tkdj] nkos vkifRr vH;kfFkZ;ksa ls izkIr fd;s tkosA blds mijkar gh vafre p;u lwph tkjh dh tkosA mUgksus dgk fd vVy cky fe'ku ds varxZRk Ms ds;j lsaVj ds lapkyu ls lacaf/kr ,d fnu dk izf'k{k.k djkgy] ';ksiqj esa vk;ksftr fd;k tkosA
ifjokj fu;kstu dk;Zdze ds varxZr vHkh rd 44 izfr'kr miyfC/k gkafly dh xbZ gSA ftls vkxkeh nks ekg esa 'krizfr'kr iwjk fd;k tkosA mUgksus dgk fd nsk cPPkksa ij u'kcanh djkus ij vk'kk dk;ZdrkZ dks ,d gtkj :i;s nsus dk ikzc/kku fd;k x;k gSA blh rtZ ij vkaxuokMh dk;ZdrkZ dks Hkh ,d gtkj :Ik;s nsus ds fy, 'kklu dks izLrko Hkstk tkosA mUgksus dgk fd vkaxuokMh lEeku f'kfoj yxkus dh dk;Zokgh MhMCY;wlhMhvks vkSj lhMhihvks lqfuf'pr djsaA bl fn'kk esa lHkh vkaxuokMh dk;ZdrkZvksa dks 15 Qjojh 2013 rd iwjh rS;kjh djus ds fy, fn'kk funsZ'k fn;s tkosA
Umesh Saxena
Wednesday, January 23, 2013
Monday, July 27, 2009
श्योपुर जिला शिक्षा विभाग में बढ़ता भ्रष्टाचार
श्योपुर जिला शिक्षा विभाग में बढ़ता भ्रष्टाचार
श्योपुर<><><><><><>उमेश सक्सेना<><> <><><><> 25 जुलाई 2009 मध्यप्रदेश शासन ने केन्द्रीय शिक्षा बोर्ड के पेटर्न पर ही प्रदेश का शैक्षणिक केलेन्डर की घ्ाोषणा पिछले वर्ष की थी जिसके अनुसार शिक्षण सत्र 1 अपे्रल से मार्च तक कर दिया गया है । नवीन शिक्षा सत्र ं अपे्रल से ही शुरू हो गया, बीच में मई और जून माह में ग्रीष्मावकाश के बाद पुन: जुलाई से प्रारंभ हो जाता है ।
माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल ने जुलाई माह में प्रदेश के सभी अशासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेन्ड्री स्कूलों की मान्यता जारी कर दी है । परन्तु श्योपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अभी तक जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर तक के अशासकीय विद्यालयों की मान्यता सूची जारी नही की है । जुलाई माह समाप्त होने को है और अभी तक निरीक्षणकर्त्ता शालाओं का निरीक्षण करके विद्यालयों की फाइलें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा नही कर पाए है ।
कई निरीक्षण अधिकारियों ने तो निरीक्षण फाइलें विद्यालयों से सेवा शुल्क प्राप्त नही होने के कारण डीईओ कार्यालय में जमा नही कराई और विद्यालयों को धौंस और दी गई कि अगर सेवा शुल्क प्रति फाइल एक हजार रूपए नही दिए गए तो विद्यालय के पात्र छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति से वंचित रहना पडेगा जिसकी जिम्मेदारी विद्यालय की ही होगी ।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाना चाहते हैं परन्तु इससे अलग हटकर श्योपुर जिले में पदस्थ अधिकारी इस जिले को भ्रष्टाचार युक्त बनाने पर तुले हुए है । प्रदेश से भ्रष्टाचार को हटाने के उद्देश्य को लेकर ही माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने प्रति वर्ष अशासकीय हाईस्कूल एवं हायरसेकेन्ड्री स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण की प्रक्रिया को एक वर्ष से बढाकर तीन वर्ष के लिए कर दी है । इसी प्रकार सन् 1994 में कक्षा 1 से लकर 4 तक की कक्षा चलाने के लिए अशासकीय स्कूलों की मान्यता की आवश्यकता नही होगी इस प्रकार के आदेश जारी किए गए थे ।
जिले में शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार का आलम यह है कि अशासकीय विद्यालय अपनी मनमानी करने पर तुले हुए हैं । अधिकारियों को उनका सेवा शुल्क प्राप्त हो जाता है तो कहाँ क्या अनियमितताऐं हैं देखने की आवश्यकता ही नही समझते है । अशासकीय विद्यालयों का आलम यह है कि बिना टी0सी0 के किसी भी कक्षा में बच्चे का एडमीशन कर लिया जाता है , जबकि नियम यह है कि कक्षा तीन चार के बाद बिना टी0स्ाी0 के किसी भी में एडमीशन नही किया जाना चाहिए ,परन्तु बच्चे के अभिभावक टी0सी0 लाये या नही जिस कक्षा में चाहें उस कक्षा में बच्चे का एडमीशन हो जाता है । आलम यह है कि आठवीं फेल बच्चे को भी कक्षा 9 में एडमीशन मिल जाएगा ।
माध्यमिक शिक्षा मंउल ने श्योपुर जिले के 28 अशासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेन्ड्री स्कलों को मान्यता प्रदान की है । परन्तु जिले मुख्यालय में ही कई माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं जिनको कक्षा 8 तक ही विद्यालय चलाने की मान्यता जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त हैं परन्तु कक्षा 9 और कक्षा 10 वीं की कक्षाऐं संचालित कर रहे हैं और तब कोई अधिकारी जाँच के लिए आता है तो उसे यह कहकर कि कक्षा 9 एवं 10 की कोचिंग क्लासेस चलाते हैं और इा बच्चों का एडमीशन किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूलों मे नाम लिखा दिया जाता हैं । अगर मान्यता प्राप्त हाईस्कूलों और हायरसेकेन्ड्री स्कूलों की सूक्ष्मता से जाँच की जाए तो पता चल जाएगा कि जितने बच्चों का एडमीशन बताया गया हैं उतने बच्चे उस विद्यालय में आ रहे या नही और नही आ रहे हैं तो किस कारण से नहीे आ रहे हैं , और उन विद्यालयों में जहाँ कोचिंग के नाम से विद्यालय समय में कक्षा 9 वीं एवं 10 वीं के छात्रों को पढाया जा रहा हैं उनसे पूछा जाए कि तुम लोगों के एडमीशन कहाँ हैं तो स्थिति साफ हो जाएगी । अधिकारियों को सेवा शुल्क पहुँच जाने के कारण ही माध्यमिक तक मान्यता प्राप्त जिले के विद्वालय कक्षा 9 एवं 10 तक बच्चों को कोचिं्र के नाम से पढा रहे हैं । इनकी जाँच करना आवश्यक हैं ।
इसी सेवा शुल्क की प्रथा के चलते शासन के नियमों की धज्जियां उडाई जाती हैं । अशासकीय स्कूलों में मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित पुस्तके चलाना अनिवार्य हैं ,परन्तु कमीशन के चर में प्राइवेट विद्यालय शिक्षा विभाग की नाक के तले इन पुस्तकों को न चलाते हुए निजी प्रकाशकों की किताबों बच्चों को दिलाने के लिए पालकों को कहते हें और किताबे भी इतनी कि बच्चों के बजन से अधिक बच्चों के बस्तों का वजन लाद कर ले जाना पडता है और आलम यह कि किताबें इतनी अधिक होती हैं कि बच्चे साल भर में भी उन किताबों को पूरी खोल भी नही पाते पढने की बात तो दूर रही । शिक्षा विभाग की यह अनदेखी सिर्फ अशासकीय विद्यालयों से मिलने वाले सेवा शुल्क की वजह से ही है ।
श्योपुर<><><><><><>उमेश सक्सेना<><> <><><><> 25 जुलाई 2009 मध्यप्रदेश शासन ने केन्द्रीय शिक्षा बोर्ड के पेटर्न पर ही प्रदेश का शैक्षणिक केलेन्डर की घ्ाोषणा पिछले वर्ष की थी जिसके अनुसार शिक्षण सत्र 1 अपे्रल से मार्च तक कर दिया गया है । नवीन शिक्षा सत्र ं अपे्रल से ही शुरू हो गया, बीच में मई और जून माह में ग्रीष्मावकाश के बाद पुन: जुलाई से प्रारंभ हो जाता है ।
माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल ने जुलाई माह में प्रदेश के सभी अशासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेन्ड्री स्कूलों की मान्यता जारी कर दी है । परन्तु श्योपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अभी तक जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर तक के अशासकीय विद्यालयों की मान्यता सूची जारी नही की है । जुलाई माह समाप्त होने को है और अभी तक निरीक्षणकर्त्ता शालाओं का निरीक्षण करके विद्यालयों की फाइलें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा नही कर पाए है ।
कई निरीक्षण अधिकारियों ने तो निरीक्षण फाइलें विद्यालयों से सेवा शुल्क प्राप्त नही होने के कारण डीईओ कार्यालय में जमा नही कराई और विद्यालयों को धौंस और दी गई कि अगर सेवा शुल्क प्रति फाइल एक हजार रूपए नही दिए गए तो विद्यालय के पात्र छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति से वंचित रहना पडेगा जिसकी जिम्मेदारी विद्यालय की ही होगी ।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाना चाहते हैं परन्तु इससे अलग हटकर श्योपुर जिले में पदस्थ अधिकारी इस जिले को भ्रष्टाचार युक्त बनाने पर तुले हुए है । प्रदेश से भ्रष्टाचार को हटाने के उद्देश्य को लेकर ही माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने प्रति वर्ष अशासकीय हाईस्कूल एवं हायरसेकेन्ड्री स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण की प्रक्रिया को एक वर्ष से बढाकर तीन वर्ष के लिए कर दी है । इसी प्रकार सन् 1994 में कक्षा 1 से लकर 4 तक की कक्षा चलाने के लिए अशासकीय स्कूलों की मान्यता की आवश्यकता नही होगी इस प्रकार के आदेश जारी किए गए थे ।
जिले में शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार का आलम यह है कि अशासकीय विद्यालय अपनी मनमानी करने पर तुले हुए हैं । अधिकारियों को उनका सेवा शुल्क प्राप्त हो जाता है तो कहाँ क्या अनियमितताऐं हैं देखने की आवश्यकता ही नही समझते है । अशासकीय विद्यालयों का आलम यह है कि बिना टी0सी0 के किसी भी कक्षा में बच्चे का एडमीशन कर लिया जाता है , जबकि नियम यह है कि कक्षा तीन चार के बाद बिना टी0स्ाी0 के किसी भी में एडमीशन नही किया जाना चाहिए ,परन्तु बच्चे के अभिभावक टी0सी0 लाये या नही जिस कक्षा में चाहें उस कक्षा में बच्चे का एडमीशन हो जाता है । आलम यह है कि आठवीं फेल बच्चे को भी कक्षा 9 में एडमीशन मिल जाएगा ।
माध्यमिक शिक्षा मंउल ने श्योपुर जिले के 28 अशासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेन्ड्री स्कलों को मान्यता प्रदान की है । परन्तु जिले मुख्यालय में ही कई माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं जिनको कक्षा 8 तक ही विद्यालय चलाने की मान्यता जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त हैं परन्तु कक्षा 9 और कक्षा 10 वीं की कक्षाऐं संचालित कर रहे हैं और तब कोई अधिकारी जाँच के लिए आता है तो उसे यह कहकर कि कक्षा 9 एवं 10 की कोचिंग क्लासेस चलाते हैं और इा बच्चों का एडमीशन किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूलों मे नाम लिखा दिया जाता हैं । अगर मान्यता प्राप्त हाईस्कूलों और हायरसेकेन्ड्री स्कूलों की सूक्ष्मता से जाँच की जाए तो पता चल जाएगा कि जितने बच्चों का एडमीशन बताया गया हैं उतने बच्चे उस विद्यालय में आ रहे या नही और नही आ रहे हैं तो किस कारण से नहीे आ रहे हैं , और उन विद्यालयों में जहाँ कोचिंग के नाम से विद्यालय समय में कक्षा 9 वीं एवं 10 वीं के छात्रों को पढाया जा रहा हैं उनसे पूछा जाए कि तुम लोगों के एडमीशन कहाँ हैं तो स्थिति साफ हो जाएगी । अधिकारियों को सेवा शुल्क पहुँच जाने के कारण ही माध्यमिक तक मान्यता प्राप्त जिले के विद्वालय कक्षा 9 एवं 10 तक बच्चों को कोचिं्र के नाम से पढा रहे हैं । इनकी जाँच करना आवश्यक हैं ।
इसी सेवा शुल्क की प्रथा के चलते शासन के नियमों की धज्जियां उडाई जाती हैं । अशासकीय स्कूलों में मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित पुस्तके चलाना अनिवार्य हैं ,परन्तु कमीशन के चर में प्राइवेट विद्यालय शिक्षा विभाग की नाक के तले इन पुस्तकों को न चलाते हुए निजी प्रकाशकों की किताबों बच्चों को दिलाने के लिए पालकों को कहते हें और किताबे भी इतनी कि बच्चों के बजन से अधिक बच्चों के बस्तों का वजन लाद कर ले जाना पडता है और आलम यह कि किताबें इतनी अधिक होती हैं कि बच्चे साल भर में भी उन किताबों को पूरी खोल भी नही पाते पढने की बात तो दूर रही । शिक्षा विभाग की यह अनदेखी सिर्फ अशासकीय विद्यालयों से मिलने वाले सेवा शुल्क की वजह से ही है ।
Saturday, May 16, 2009
लोकसभा निर्वाचन श्योपुर और विजयपुर विधानसभा की मतगणना संपन्न
लोकसभा निर्वाचन श्योपुर और विजयपुर विधानसभा की मतगणना संपन्न
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा निर्वाचन 2009 के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 श्योपुर और 2 विजयपुर के क्षेत्र में 30 अपे्रल 2009 को कराये गये शांति पूर्वक मतदान की मतगणना शासकीय महाविद्यालय श्योपुर में आत शांपिूर्वक संपन्न हुई । मतगणना के दौरान श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रेक्षक श्री आर0के0 चर्तुवेदी और विजयपुर क्षेत्र के प्रेक्षक डॉ0आर0नरेन्दर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एस0एन00रूपला, पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद वर्मा और एआरओ श्योपुर श्री राहुल जैन, विजयपुर श्री एस0आर0सालंकी ने मतगणना स्थल शासकीय महाविद्यालय श्योपुर पर मतगणना कार्य को अंतिम रूप दिया ।
लोकसभा निर्वाचन 2009 के मतदान की मतगणना के अंतर्गत श्योपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना 15 राउण्ड में पूरी कराई गई । इसी प्रकार विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना 14 राउण्ड में पूर्ण हुई । कांग्रेस के उम्मीदवार श्री रामनिवास रावत को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 31718 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 36874 और भाजपा के उम्मीदवार श्री नरेन्द्र सिंह तोमर को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 29623 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 27757 मत प्राप्त हुये । जबकि बसपा के उम्मीदवार श्री बलवीर सिंह डण्डोतिया को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 9916 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 9485 मत प्राप्त हुए ।
श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नियुक्त पे्रक्षक श्री आर0के0चतुर्वेदी और विजयपुर क्षेत्र के पे्रक्षक डॉ0आर0 नरेन्दर द्वारा मतगणना के प्रारंभ में आज प्रात: 5 बजे से 6 बजे के बीच रैण्डामाईजेशन की प्रक्रिया संपन्न कराई गई । इसके उपरान्त ही मतगणना कार्य प्रारंभ किया गया । इसी प्रकार दोनो विधानसभाओं की मतगणना के दौरान राउण्डवार मतगणना कार्य का अवलोकन किया गया । श्योपुर और विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना की प्रक्रिया संपन्न कराने के लिये 36-36 गणना पर्यवेक्षकों एवं मतगणना सहायकों और माइको सुपरवाइजर की नियुक्ति की जाकर, मतगणना कराई गई ।
लोकसभा निर्वाचन की मतगणना शासकीय महाविद्यालय श्योपुर में कराने के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने हूतु मतगणना स्थल को प्रतिबंधित घाषित किया गया था । साथ ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये ।
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा निर्वाचन 2009 के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 श्योपुर और 2 विजयपुर के क्षेत्र में 30 अपे्रल 2009 को कराये गये शांति पूर्वक मतदान की मतगणना शासकीय महाविद्यालय श्योपुर में आत शांपिूर्वक संपन्न हुई । मतगणना के दौरान श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रेक्षक श्री आर0के0 चर्तुवेदी और विजयपुर क्षेत्र के प्रेक्षक डॉ0आर0नरेन्दर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एस0एन00रूपला, पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद वर्मा और एआरओ श्योपुर श्री राहुल जैन, विजयपुर श्री एस0आर0सालंकी ने मतगणना स्थल शासकीय महाविद्यालय श्योपुर पर मतगणना कार्य को अंतिम रूप दिया ।
लोकसभा निर्वाचन 2009 के मतदान की मतगणना के अंतर्गत श्योपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना 15 राउण्ड में पूरी कराई गई । इसी प्रकार विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना 14 राउण्ड में पूर्ण हुई । कांग्रेस के उम्मीदवार श्री रामनिवास रावत को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 31718 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 36874 और भाजपा के उम्मीदवार श्री नरेन्द्र सिंह तोमर को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 29623 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 27757 मत प्राप्त हुये । जबकि बसपा के उम्मीदवार श्री बलवीर सिंह डण्डोतिया को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 9916 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 9485 मत प्राप्त हुए ।
श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नियुक्त पे्रक्षक श्री आर0के0चतुर्वेदी और विजयपुर क्षेत्र के पे्रक्षक डॉ0आर0 नरेन्दर द्वारा मतगणना के प्रारंभ में आज प्रात: 5 बजे से 6 बजे के बीच रैण्डामाईजेशन की प्रक्रिया संपन्न कराई गई । इसके उपरान्त ही मतगणना कार्य प्रारंभ किया गया । इसी प्रकार दोनो विधानसभाओं की मतगणना के दौरान राउण्डवार मतगणना कार्य का अवलोकन किया गया । श्योपुर और विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना की प्रक्रिया संपन्न कराने के लिये 36-36 गणना पर्यवेक्षकों एवं मतगणना सहायकों और माइको सुपरवाइजर की नियुक्ति की जाकर, मतगणना कराई गई ।
लोकसभा निर्वाचन की मतगणना शासकीय महाविद्यालय श्योपुर में कराने के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने हूतु मतगणना स्थल को प्रतिबंधित घाषित किया गया था । साथ ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये ।
Thursday, April 30, 2009
श्योपुर जिले में लोकसभा निर्वाचन के अंतर्गत 51 प्रतिशत मतदान शोतिपूर्वक सम्पन्न
श्योपुर जिले में लोकसभा निर्वाचन के अंतर्गत 51 प्रतिशत मतदान शोतिपूर्वक सम्पन्न
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> 30/04/2009 लोकसभा निर्वाचन 2009 के अंतर्गत श्योपुर जिले में 51.14 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया । मतदान शांतिपूर्वक रहा । विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 श्यापुर एवं विधानसभा क्षे। क्रमांक में कुल 405 मतदान केन्द्रों पर मतदान का कार्य कराया गया । श्योपुर विधान सभा क्षेत्र में प्राप्त जानकारी के अनुसार 47.14 प्रतिशत मतदान हुआ जिसमें पुरूषों का प्रतिशत 55.01 तथा महिलाओं का प्रतिशत 37.98 रहा । इसी प्रकार विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 55.41 प्रतिशत मतदान की जानकारी प्राप्त हुई जिसमें पुरूषों का प्रतिशत 59.89 एवं महिलाओं का प्रतिशत 50.60 रहा ।
लाकसभा निर्वाचन के लिए श्योपुर एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान केन्द्रों पर प्रात: 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया प्रारंभ हुई तथा सभी मतदान केन्द्रों पर मॉकपोल की कार्यवाही संपन्न कराई गई । कई मतदान केन्दों पर गर्मी की वजह से दोपहर के पूर्व ही मतदान में लोगों को देखा गया । उसके बाद मतदान की गति में कमी होने लगी । श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सोईंकला स्थित मतदान केन्द्र पर दिन में एक बजे तक 40 प्रतिशत मतदान हुआ , एवं रायपुरा में 35 प्रतिशत मतदान हो चुका था । इसी प्रकार शहरी क्षेत्र श्योपुर के मतदान केन्द्र किला , अग्रवाल नाहरा, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में 11 बजे तक 30 प्रतिशत मतदान हो चुा था । ग्राम भसुन्दर में दोपहर 2.30 जे तक मतदान केन्द्र 170 पर 337 मतदाताओं मे से 235 मतदाता मतदान कर चुके थे । विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पुरा स्थित मतदान केन्द्र क्रमांक 30 पर दोपहर 1.30 बजे तक 28 प्रतिशत तथा मतदान केन्द्र 31 पर 37 प्रतिशत एवं ग्राम ककरधा में प्रात: 10.30 बजें तक 48 प्रतिशत मतदान हुआ ।
लोकसभा निर्वाचन 2009 के तहत जिले की श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख् 69 हजार 228 मतदाता हैं इनमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 91 हजार 45 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 78 हजार 183 है । इसी प्रकार विजयप विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 1 लाख् 58 हजार 569 है । जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 86 हजार 218 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 72 हजार 351 है । जिनमें से दोनों विधानसभाओं के अंतर्गत जानकारी के आधाप पर 51.14 प्रतिशत मतदान हुआ । जिला प्रशासन द्वारा शांतिपूर्वक मतदान के लिए 37 जोन बनाये गए थे तथा 15 सेक्टर में क्षेत्र को विभाजित किया गया था ।
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> 30/04/2009 लोकसभा निर्वाचन 2009 के अंतर्गत श्योपुर जिले में 51.14 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया । मतदान शांतिपूर्वक रहा । विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 श्यापुर एवं विधानसभा क्षे। क्रमांक में कुल 405 मतदान केन्द्रों पर मतदान का कार्य कराया गया । श्योपुर विधान सभा क्षेत्र में प्राप्त जानकारी के अनुसार 47.14 प्रतिशत मतदान हुआ जिसमें पुरूषों का प्रतिशत 55.01 तथा महिलाओं का प्रतिशत 37.98 रहा । इसी प्रकार विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 55.41 प्रतिशत मतदान की जानकारी प्राप्त हुई जिसमें पुरूषों का प्रतिशत 59.89 एवं महिलाओं का प्रतिशत 50.60 रहा ।
लाकसभा निर्वाचन के लिए श्योपुर एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान केन्द्रों पर प्रात: 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया प्रारंभ हुई तथा सभी मतदान केन्द्रों पर मॉकपोल की कार्यवाही संपन्न कराई गई । कई मतदान केन्दों पर गर्मी की वजह से दोपहर के पूर्व ही मतदान में लोगों को देखा गया । उसके बाद मतदान की गति में कमी होने लगी । श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सोईंकला स्थित मतदान केन्द्र पर दिन में एक बजे तक 40 प्रतिशत मतदान हुआ , एवं रायपुरा में 35 प्रतिशत मतदान हो चुका था । इसी प्रकार शहरी क्षेत्र श्योपुर के मतदान केन्द्र किला , अग्रवाल नाहरा, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में 11 बजे तक 30 प्रतिशत मतदान हो चुा था । ग्राम भसुन्दर में दोपहर 2.30 जे तक मतदान केन्द्र 170 पर 337 मतदाताओं मे से 235 मतदाता मतदान कर चुके थे । विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पुरा स्थित मतदान केन्द्र क्रमांक 30 पर दोपहर 1.30 बजे तक 28 प्रतिशत तथा मतदान केन्द्र 31 पर 37 प्रतिशत एवं ग्राम ककरधा में प्रात: 10.30 बजें तक 48 प्रतिशत मतदान हुआ ।
लोकसभा निर्वाचन 2009 के तहत जिले की श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख् 69 हजार 228 मतदाता हैं इनमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 91 हजार 45 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 78 हजार 183 है । इसी प्रकार विजयप विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 1 लाख् 58 हजार 569 है । जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 86 हजार 218 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 72 हजार 351 है । जिनमें से दोनों विधानसभाओं के अंतर्गत जानकारी के आधाप पर 51.14 प्रतिशत मतदान हुआ । जिला प्रशासन द्वारा शांतिपूर्वक मतदान के लिए 37 जोन बनाये गए थे तथा 15 सेक्टर में क्षेत्र को विभाजित किया गया था ।
Tuesday, April 28, 2009
लोकसभा चुनाव प्रचार थमा सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबन्ध
लोकसभा चुनाव प्रचार थमा सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबन्ध
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> लोकसभा निर्वाचन 2009 के लिये होने वाले चुनाव आज शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया । आयोग के निर्देशानुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सार्वजनिक सभाओं पर भी प्रतिबन्ध लग गया । मतदान समाप्ति दिनांक 30 अपे्रल 2009 को शाम पांच बजे तक अवधि मेंकोई भी राजनैतिक पार्टी या निर्दलीय प्रथ्याशी निर्वाचन के संबंध में कोई सार्वजनिक सभा व जुलुस आयोजित नही कर सकेगा । इसके साथ ही चलचित्र टेलीविजन या अन्य सचित्रों द्वारा जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का प्रदर्शन नही करेगा ।
इस अवधि में मदिरा विक्रय पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा । साथ ही आज शाम 5 बजे के बाद मतदान समाप्ति तक किसी भी राजनैतिक दल के बाहरी व्यक्ति जो लोकसभा क्षेत्र के मतदाता नही है हैं वे लोकसभा क्षेत्र में नही रह सकेगे ।
लोकसभा चुनाव में मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के 13 लाख 38 हजार 914 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेगें । इसमें 7 लाख 37 हजार 012 पुरूष और 6 लाख 01 हजार 902 महिला मतदाता हैं । विधानसभा क्षेत्र सबलगढ में 84 हजार 300 पुरूष और 70 हजार 640 महिला कुल 01 लाख 54 हजार 940 मतदाता, जौरा में 95 हजार 810 पुरूष और 77 हजार 793 महिला कुल 1 लाख 603 मतदाता, सुमावली में 97 हजार 630 पुरूष और 77 हजार 262 महिला कुल 1 लाख 74 हजार 892 मतदाता, मुरैना में 01 लाख 01 हजार 966 पुरूष और 80 हजार 908 महिला कुल 1 लाख 82 हजार 874 मतदाता, दिमनी में 88 हजार 954 पुरूष और 70 हजार 395 महिला कुल 1 लाख 59 हजार 349 मतदाता, अम्बाह में 91 हजार 116 पुरूष और 74 हजार 399 महिला कुल 1 लाख 65 हजार 465 मतदाता, श्योपुर में 91 हजार 026 पुरूष और 78 हजार 204 महिला कुल 1 लाख 69 हजार 230 मतदाता तथा विजयपुर में 86 हजार 210 पुरूष और 72 हजार 351 महिला कुल 1 लाख 58 हजार 561 मतदाता है ।
इस प्रकार मुरैना-श्योपुर क्षेत्र में कुल 13 लाख 39 हजार 897 मतदाता नरेन्द्र सिंह तोमर (भाजपा),रामनिवास रावत (कांगे्रस), बलबीर सिंह दंडोतिया(बसपा), बैजनाथ कुशवाह (सपा), सहित कुल 24 प्रत्याशियों के भाग का फैसला 30 अपे्रल 2009 को करेंगे ।
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> लोकसभा निर्वाचन 2009 के लिये होने वाले चुनाव आज शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया । आयोग के निर्देशानुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सार्वजनिक सभाओं पर भी प्रतिबन्ध लग गया । मतदान समाप्ति दिनांक 30 अपे्रल 2009 को शाम पांच बजे तक अवधि मेंकोई भी राजनैतिक पार्टी या निर्दलीय प्रथ्याशी निर्वाचन के संबंध में कोई सार्वजनिक सभा व जुलुस आयोजित नही कर सकेगा । इसके साथ ही चलचित्र टेलीविजन या अन्य सचित्रों द्वारा जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का प्रदर्शन नही करेगा ।
इस अवधि में मदिरा विक्रय पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा । साथ ही आज शाम 5 बजे के बाद मतदान समाप्ति तक किसी भी राजनैतिक दल के बाहरी व्यक्ति जो लोकसभा क्षेत्र के मतदाता नही है हैं वे लोकसभा क्षेत्र में नही रह सकेगे ।
लोकसभा चुनाव में मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के 13 लाख 38 हजार 914 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेगें । इसमें 7 लाख 37 हजार 012 पुरूष और 6 लाख 01 हजार 902 महिला मतदाता हैं । विधानसभा क्षेत्र सबलगढ में 84 हजार 300 पुरूष और 70 हजार 640 महिला कुल 01 लाख 54 हजार 940 मतदाता, जौरा में 95 हजार 810 पुरूष और 77 हजार 793 महिला कुल 1 लाख 603 मतदाता, सुमावली में 97 हजार 630 पुरूष और 77 हजार 262 महिला कुल 1 लाख 74 हजार 892 मतदाता, मुरैना में 01 लाख 01 हजार 966 पुरूष और 80 हजार 908 महिला कुल 1 लाख 82 हजार 874 मतदाता, दिमनी में 88 हजार 954 पुरूष और 70 हजार 395 महिला कुल 1 लाख 59 हजार 349 मतदाता, अम्बाह में 91 हजार 116 पुरूष और 74 हजार 399 महिला कुल 1 लाख 65 हजार 465 मतदाता, श्योपुर में 91 हजार 026 पुरूष और 78 हजार 204 महिला कुल 1 लाख 69 हजार 230 मतदाता तथा विजयपुर में 86 हजार 210 पुरूष और 72 हजार 351 महिला कुल 1 लाख 58 हजार 561 मतदाता है ।
इस प्रकार मुरैना-श्योपुर क्षेत्र में कुल 13 लाख 39 हजार 897 मतदाता नरेन्द्र सिंह तोमर (भाजपा),रामनिवास रावत (कांगे्रस), बलबीर सिंह दंडोतिया(बसपा), बैजनाथ कुशवाह (सपा), सहित कुल 24 प्रत्याशियों के भाग का फैसला 30 अपे्रल 2009 को करेंगे ।
Friday, April 24, 2009
श्योपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह ?
श्योपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह ?
श्योपुर <><><> उमेश सक्सेना<><><> श्योपुर जिला मुख्यालय के ग्रामीण क्षेेत्रों के अधिकतर शासकीय प्रायमरी एवं माध्यमिक विद्यालयों का यदि निरीक्षण किया जाये तो स्कूलों की स्थिति शासन के नियम कायदों एवं शिक्षा नीति के बिल्कुल विपरीत मिलेगी ।
ग्रामीण क्षेत्रों के अनेंक शासकीय शिक्षण संस्थाऐं ऐसी मिलेगी जहाँ एक सैकडा से अधिक बच्चों पर एक या दो ही शिक्षक उन्हे अध्यापन करा रहे है , और कई शासकीय विद्यालय ऐसे है जहाँ 67 बच्चों को 4-4 अध्यापक पढा रहे हैं । अब ऐसी स्थिति में शिक्षक उन्हे कैसे और कितना पढा पाते हैं यह तो अध्ययनरत छात्र,छात्राऐं या उनके अभिभावक ही बता सकते हैं । दसरी ओर शिक्षकों की स्थिति देखें तो पता चलेगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक अध्यापक/अध्यापिकाऐं ऐसे हैं जिन्हे 10 से 20 वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में अध्यापन कराते हुए हो गए है ।
मध्यप्रदेश की शिक्षा नियमों के अनुसार अगर देखा जाए तो 40 बच्चों पर एक शिक्ष्क की पदस्थी होना चाहिए , परन्तु इसके विपरीत शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय दातारदां में 107 बच्चों के नाम दर्ज ळैं और कु0 रितु गोयल, श्रीमती मीरा बघ्ोल, श्री ओम प्रकाश राय अध्यापक पदस्थ है । यहां कोई प्रधानाध्यापक नहीं है अगर वो होता तों यहाँ 107 बच्चों पर 4 अध्यापक हो जाते जबकि यहां सिर्फ 2 अध्यापक ही काफी थे ।
इसी प्रकार
शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय दातारदां में सिर्फ 67 बच्चों के नाम पंजी रजिस्टर मं दर्ज हैं और श्री शम्सुद्दीन कुर्रेशी प्रधानाध्यपक , हीरालाल रावत , रामसिंह रावत, हनुमान जांगिड पदस्थ हक् जबकि यहां भी दो अध्यापकों से ही अध्यापन कार्य करवाया जा सकता है । यहां यह भी उल्लेखनीय है कि शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक
:तो चार हैं तरन्तु अध्यापन का कार्य एक या दो शिक्षक करवा पाते हैं क्योकि इसमें से एक अपनी निजी चिकित्सीय पे्रक्टिस भी करते हैं जिसके चलते विद्यालय की ओर ध्यान नही दे पाते क्योंकि शासन की ओर से जो वेतन प्राप्त होता है वह तो ब्याज है असल में तो ग्रामीणें का इलाज करके जो रूपया प्राप्त होता हे वही असली कमाई है । एक अन्य शिक्ष्क सामरसा गांव में रहकर अन्य कार्य करते है जब उससे फुरसत मिल गई तो स्कूल आ जाते हें बाकी बचे शिक्षक यदा कदा बच्चों को पढा ही देते है ।
स्कूल शिक्षा विभाग के इस प्रकार के नियम भी आ चुके हैं कि जहाँ एक ही जगह और पास पास कन्या और बालक प्रायमरी विद्यालय अलग अलग हैं उन विद्यालयों को एक ही विद्यालय में मिलाकर दोनो विद्यालयों के छात्र/छात्राओं के मान से शिक्षक की पदस्थापना करके बचे हुए शिक्षकों को अन्यत्र भेज दिया जाए । जिससे जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक और अध्यापकों की संख्या कम हैं वहां सही तरीके से अध्यापन कार्य करवाया जा सकता है ।
श्योपुर जिले का ही एक ग्राम सौभागपुरा हैं जहाँ शासकीय प्रायमरी एवं माध्यमिक विद्यालय में कुल छात्र-छात्राओं की संख्या 145 दर्ज है जिस पर मात्र एक ही शिक्षक बलराम आदिवासी पदस्थ है, विद्यालय के शेष दो शिक्षकों मे से एक देवकीनंदन शर्मा यहों से बाहर जा चुके हैं तथा दूसरे शिक्षक दिनेश सगर डीपीसी कार्यालय कलेक्ट्रेड भवन जिला श्योपुुर की निर्माध शाखा में पदस्थ हैं । जिन्हे इसी शाखा से तात्कालीन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चन्द्रशेखर बोरकर ने लापरवाही के चलते निलम्बित कर दिया था, किन्तु इसके बावजूद उक्त शिक्ष्क को इसी निर्माण शाखा पर बहाल करते हुए पदस्थ किया गया है । जबकि शासन की ओर से संलग्नीकरण के प्रावधान समाप्त कर दिये गए हैं ।
ऐसी स्थिति में यदि डीपीसी कार्यालय को किसी कर्मचारी की आवश्यकता भी है तो दन विद्यालयों से शिक्षक संलग्न किये जाने चाहिए जहां सरप्लस में अध्यापक पदस्थ हैं ।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढाने के लिए विचार एवं मंथन किया जाये कि आखिर यह कौन सी शिक्षा नीति के तहत शासन की व्यवस्थाऐं संचालित हैं अव्यवस्था को दुरूस्त करके किस किस प्रकार शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है ।
श्योपुर <><><> उमेश सक्सेना<><><> श्योपुर जिला मुख्यालय के ग्रामीण क्षेेत्रों के अधिकतर शासकीय प्रायमरी एवं माध्यमिक विद्यालयों का यदि निरीक्षण किया जाये तो स्कूलों की स्थिति शासन के नियम कायदों एवं शिक्षा नीति के बिल्कुल विपरीत मिलेगी ।
ग्रामीण क्षेत्रों के अनेंक शासकीय शिक्षण संस्थाऐं ऐसी मिलेगी जहाँ एक सैकडा से अधिक बच्चों पर एक या दो ही शिक्षक उन्हे अध्यापन करा रहे है , और कई शासकीय विद्यालय ऐसे है जहाँ 67 बच्चों को 4-4 अध्यापक पढा रहे हैं । अब ऐसी स्थिति में शिक्षक उन्हे कैसे और कितना पढा पाते हैं यह तो अध्ययनरत छात्र,छात्राऐं या उनके अभिभावक ही बता सकते हैं । दसरी ओर शिक्षकों की स्थिति देखें तो पता चलेगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक अध्यापक/अध्यापिकाऐं ऐसे हैं जिन्हे 10 से 20 वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में अध्यापन कराते हुए हो गए है ।
मध्यप्रदेश की शिक्षा नियमों के अनुसार अगर देखा जाए तो 40 बच्चों पर एक शिक्ष्क की पदस्थी होना चाहिए , परन्तु इसके विपरीत शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय दातारदां में 107 बच्चों के नाम दर्ज ळैं और कु0 रितु गोयल, श्रीमती मीरा बघ्ोल, श्री ओम प्रकाश राय अध्यापक पदस्थ है । यहां कोई प्रधानाध्यापक नहीं है अगर वो होता तों यहाँ 107 बच्चों पर 4 अध्यापक हो जाते जबकि यहां सिर्फ 2 अध्यापक ही काफी थे ।
इसी प्रकार
शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय दातारदां में सिर्फ 67 बच्चों के नाम पंजी रजिस्टर मं दर्ज हैं और श्री शम्सुद्दीन कुर्रेशी प्रधानाध्यपक , हीरालाल रावत , रामसिंह रावत, हनुमान जांगिड पदस्थ हक् जबकि यहां भी दो अध्यापकों से ही अध्यापन कार्य करवाया जा सकता है । यहां यह भी उल्लेखनीय है कि शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक
:तो चार हैं तरन्तु अध्यापन का कार्य एक या दो शिक्षक करवा पाते हैं क्योकि इसमें से एक अपनी निजी चिकित्सीय पे्रक्टिस भी करते हैं जिसके चलते विद्यालय की ओर ध्यान नही दे पाते क्योंकि शासन की ओर से जो वेतन प्राप्त होता है वह तो ब्याज है असल में तो ग्रामीणें का इलाज करके जो रूपया प्राप्त होता हे वही असली कमाई है । एक अन्य शिक्ष्क सामरसा गांव में रहकर अन्य कार्य करते है जब उससे फुरसत मिल गई तो स्कूल आ जाते हें बाकी बचे शिक्षक यदा कदा बच्चों को पढा ही देते है ।
स्कूल शिक्षा विभाग के इस प्रकार के नियम भी आ चुके हैं कि जहाँ एक ही जगह और पास पास कन्या और बालक प्रायमरी विद्यालय अलग अलग हैं उन विद्यालयों को एक ही विद्यालय में मिलाकर दोनो विद्यालयों के छात्र/छात्राओं के मान से शिक्षक की पदस्थापना करके बचे हुए शिक्षकों को अन्यत्र भेज दिया जाए । जिससे जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक और अध्यापकों की संख्या कम हैं वहां सही तरीके से अध्यापन कार्य करवाया जा सकता है ।
श्योपुर जिले का ही एक ग्राम सौभागपुरा हैं जहाँ शासकीय प्रायमरी एवं माध्यमिक विद्यालय में कुल छात्र-छात्राओं की संख्या 145 दर्ज है जिस पर मात्र एक ही शिक्षक बलराम आदिवासी पदस्थ है, विद्यालय के शेष दो शिक्षकों मे से एक देवकीनंदन शर्मा यहों से बाहर जा चुके हैं तथा दूसरे शिक्षक दिनेश सगर डीपीसी कार्यालय कलेक्ट्रेड भवन जिला श्योपुुर की निर्माध शाखा में पदस्थ हैं । जिन्हे इसी शाखा से तात्कालीन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चन्द्रशेखर बोरकर ने लापरवाही के चलते निलम्बित कर दिया था, किन्तु इसके बावजूद उक्त शिक्ष्क को इसी निर्माण शाखा पर बहाल करते हुए पदस्थ किया गया है । जबकि शासन की ओर से संलग्नीकरण के प्रावधान समाप्त कर दिये गए हैं ।
ऐसी स्थिति में यदि डीपीसी कार्यालय को किसी कर्मचारी की आवश्यकता भी है तो दन विद्यालयों से शिक्षक संलग्न किये जाने चाहिए जहां सरप्लस में अध्यापक पदस्थ हैं ।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढाने के लिए विचार एवं मंथन किया जाये कि आखिर यह कौन सी शिक्षा नीति के तहत शासन की व्यवस्थाऐं संचालित हैं अव्यवस्था को दुरूस्त करके किस किस प्रकार शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है ।
Saturday, April 18, 2009
चौहान की जनसेवा की भावना को देखकर ही भाजपा को स्वीकारा - फूलसिंह बरैया
चौहान की जनसेवा की भावना को देखकर ही भाजपा को स्वीकारा - फूलसिंह बरैया
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> मध्यप्रदेश के शिवराजसिह चौहान के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यो एवं जनसेवा कार्य को देखकर ही मैं भाजपा में शामिल हुआ हॅू , मेरा मुख्य उद्देश्य भी जनसेवा ही है । उक्त बात बहुजन समाज पार्टी एवमफ लोकजन शक्ति पार्टी छोडकर भाजपा में शामिल हुए राष्ट्रीय नेता फूल सिंह बरैया ने पत्रकार वार्ता में कही । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी नरेन्द्र सिंह तोमर के समर्थन में श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसम्पर्क पर आए भाजपा नेता व दलितों के मसाहा कहे जाने वाले फूल सिह बरैया ने आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि मैने हमेशा दलितों के उत्थान के लिए कार्य किए तथा आगे भी दलित उत्थान के लिए कार्य करता रहँगा । चासहे इसके लिए मुझे उसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पडें । उन्होने कहा कि बसपा में रहकर मैने बसपा सुप्रीमों मायावती के समक्ष विगत विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में सरकार बनाने का संकल्प लिया था एवमफ इस संकल्प के तहत मैने 21 सितम्बर को मध्यप्रदेश में विशाल रैली का आयोजन भी किया था किन्तु इस रैली की विशालता को देखकर बसपा सुप्रीमों न केवल डर गई अपितु उन्होने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिेह के साथ षडयंत्र रचकर मझे पाबर््ी से निकाल दिया । बसपा व लोजपा में राष्ट्रीय स्तर का नेता रहने के बावजूद मुझे भाजपा हाईकमान जो निर्देश देगी वह में लिए सर्वोपरी रहेगा । पत्रकारों के सवाल पर श्री बरैया ने कहा कि यह श्योपर जिले की जनता के लिए सौभाग्य होगा कि भाजपा के प्रदेश नेतृत्व कर रहे नरेन्द्र सिंह तोमर उनका प्रतिनिधित्व करेंगे और जिले की जनता की समस्या सीधे प्रदेश व देश स्तर पर उठेगी । पत्रकारों द्वारा भाजपा में उनके उपयोग के सवाल पर उन्होने कहा कि मैने प्रदेश ही नही पूरे देश भर में दलित उत्थान के लिए आवज उठाई है तथा मैं जिस प्रयास से दलित वोट भाजपा में लाऊगां वह न केवल काँग्रेस के लिए शोध का विषय बनेंगे अपितु वहमध्यप्रदेश में बसपा का अंत साबित होगा । भापजा में आने से पूर्व मुढसे सभी पार्टियों ने सम्पर्क किया । किन्तु श्री शिवराज सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्य व मुख्यमंत्री श्री चौहान में जनसेवा की भावना को देखकर ही मैने भाजपा को स्वीकार किया । भाजपा में शामिल होने के बाद भी मेरा एक ही लक्ष्यश् रहेगा कि सरकार के खजाने पर पहला अधिकार गरीबों का होगा ।
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> मध्यप्रदेश के शिवराजसिह चौहान के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यो एवं जनसेवा कार्य को देखकर ही मैं भाजपा में शामिल हुआ हॅू , मेरा मुख्य उद्देश्य भी जनसेवा ही है । उक्त बात बहुजन समाज पार्टी एवमफ लोकजन शक्ति पार्टी छोडकर भाजपा में शामिल हुए राष्ट्रीय नेता फूल सिंह बरैया ने पत्रकार वार्ता में कही । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी नरेन्द्र सिंह तोमर के समर्थन में श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसम्पर्क पर आए भाजपा नेता व दलितों के मसाहा कहे जाने वाले फूल सिह बरैया ने आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि मैने हमेशा दलितों के उत्थान के लिए कार्य किए तथा आगे भी दलित उत्थान के लिए कार्य करता रहँगा । चासहे इसके लिए मुझे उसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पडें । उन्होने कहा कि बसपा में रहकर मैने बसपा सुप्रीमों मायावती के समक्ष विगत विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में सरकार बनाने का संकल्प लिया था एवमफ इस संकल्प के तहत मैने 21 सितम्बर को मध्यप्रदेश में विशाल रैली का आयोजन भी किया था किन्तु इस रैली की विशालता को देखकर बसपा सुप्रीमों न केवल डर गई अपितु उन्होने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिेह के साथ षडयंत्र रचकर मझे पाबर््ी से निकाल दिया । बसपा व लोजपा में राष्ट्रीय स्तर का नेता रहने के बावजूद मुझे भाजपा हाईकमान जो निर्देश देगी वह में लिए सर्वोपरी रहेगा । पत्रकारों के सवाल पर श्री बरैया ने कहा कि यह श्योपर जिले की जनता के लिए सौभाग्य होगा कि भाजपा के प्रदेश नेतृत्व कर रहे नरेन्द्र सिंह तोमर उनका प्रतिनिधित्व करेंगे और जिले की जनता की समस्या सीधे प्रदेश व देश स्तर पर उठेगी । पत्रकारों द्वारा भाजपा में उनके उपयोग के सवाल पर उन्होने कहा कि मैने प्रदेश ही नही पूरे देश भर में दलित उत्थान के लिए आवज उठाई है तथा मैं जिस प्रयास से दलित वोट भाजपा में लाऊगां वह न केवल काँग्रेस के लिए शोध का विषय बनेंगे अपितु वहमध्यप्रदेश में बसपा का अंत साबित होगा । भापजा में आने से पूर्व मुढसे सभी पार्टियों ने सम्पर्क किया । किन्तु श्री शिवराज सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्य व मुख्यमंत्री श्री चौहान में जनसेवा की भावना को देखकर ही मैने भाजपा को स्वीकार किया । भाजपा में शामिल होने के बाद भी मेरा एक ही लक्ष्यश् रहेगा कि सरकार के खजाने पर पहला अधिकार गरीबों का होगा ।
Subscribe to:
Posts (Atom)