Sunday, March 29, 2009

विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे तीन नेताओं ने भाजपा में आस्था दिखाई

श्योपुर (उमेश सक्सेना )28 मार्च2009 भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को मुरैना-श्योपुर सीट से प्रत्याशी तय हो जाने से यह सीट प्रदेश के चुनाव के लाए महत्वपूर्ण हो गई हैं । नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रत्याशी हो जाने की स्थिति यह रही कि अन्य दलों के नेता भी भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के साथ जुडने के लिए लालयित नजर आ रहे हैं , और किसी न किसी तरह भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के लिए रूपरेखा तैयार करने लगे हैं, और कुछ तो अपनी इस रूपरेखा को अमल में ले भी आए । 23 मार्च को बडौदा (श्योपुर ) में न्याययात्रा के प्रारम्भ के अवसर पर श्योपुर विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से बीते विधान सभा चुनाव में प्रत्याशी रहे मूलचंद रावत , दिनेश सिंघ्ाल (श्योपुर), महेश मुद्गल कराहल अपने समर्थको सहित भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए श्योपुर मेंनेताओं के इस प्रकार के दलबदल को सिर्फ स्वार्थ व सकीर्णता की पराकाष्ठा के रूप में देख रहे हैं वो इस लिए कि यह दलबदल का कार्य जिले के नेताओं के चरित्र के विपरीत है । भारतीय जनता पार्टी ने बसपा के ब्राहमणों वोटों में सेंध लगानें की गरज से कराहल क्षेत्र के महेश मुद्गल को भाजपा को अपनी पार्टी में शामिल किया है । इसी प्रकार कांग्रेस की मेथेमेटिक्स बिगाडने की गरज से मीणा बाहुल्य क्षेत्र में अपना दबदबा रखने वाले मूलचंद रावत को पार्टी में शामिल किया है इसी प्रकार भारतीय जनता पार्टी सेबागी होक भारतीय जनशक्ति पार्टी में चले गए दिनेश सिंघ्ाल एवं उनके कई साथियों को भाजपा में शामिल करने में कामयाबी प्राप्त कर ली है ।

Thursday, March 26, 2009

पानी के लिए तरसते मासूम सीहोर।


जानवरों की प्यास की चिंता करने वाले प्रशासन और नगर पालिका को शहर की जनता की प्यास की चिंता किस हद तक सता रही है कहना मुश्किल है। नगर के बीचोबीच स्थित एक विद्यालय के बच्चे पिछले कई दिनों से पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालत यह है कि स्कूल का हर बच्चा जहां घर से पानी ला रहा है तो स्कूली खर्चे के लिए पानी स्कूली बुआ दूर दराज से ला रही है।नगर के बीचों-बीच स्थित सरस्वती विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा शिशु से लेकर आठवीं तक साढे चार सौ से अघिक बच्चे पढते हैं, दो शिफ्टों में लगने वाले विद्यालय में पीने के पानी के लिए कोई इंतजाम नहीं है, नगर पालिका का नल सप्ताह में एक बार आता है, उसमें भी ऎसा पानी आता है जो बच्चों के पीने लायक नहीं होता। हफ्ते में एक बार आने वाला पानी दो दिन भी नहीं चल पाता, इस कारण बाकी के चार दिन स्कूल में पेयजल की समस्या खडी हो जाती है, दूसरी ओर शिक्षक बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उस पानी का उपयोग करने से बचते हैं। पदस्थ बुआ को या तो बडा बाजार के लक्ष्मी नारायण मंदिर जाना पडता है। स्कूल प्रबंधन ने दिया आवेदनसरस्वती विद्या मंदिर में हो रही पानी की किल्लत को देखते हुए विद्यालय की प्रधानध्यापिका मीरा चौरसिया ने क्षेत्रीय पार्षद आशीष गहलोत के माध्यम से नगरपालिका को स्कूल के सामने से निकली ट्यूबवेल की पाइप लाइन से कनेक्शन देने का निवेदन किया है, यह आवेदन बीते 19 मार्च को दिया गया है, लेकिन सात दिनों के बाद भी इस आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। दूसरी ओर दिन पर दिन सूखते जल स्रोतों के कारण स्कूल में पानी उपलब्ध कराना मुश्किल होता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि स्कूल के पीछे स्थित एकमात्र हैण्डपंप को सूखे हुए दो महीने हो चुके हैं, इनके अलावा निकट में कोई अन्य पेयजल स्रोत भी नहीं है।

Wednesday, March 25, 2009

चुनाव आयोग का ग्रहण

श्योपुर (उमेश सक्सेना ) मध्यप्रदेश में कम वर्षा के चलते सूखे की चपेट में आने के बावजूद प्रदेश के 41 जिलों की 152 तहसीलें सूखाग्र्रस्त घोषित नहीं की जा सकी हैं। इस राह में चुनाव आयोग का ग्रहण लग गया है, जिसने 28 मई तक इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया है।उल्लेखनीय है कि इस बार प्रदेश में पानी की स्थिति अत्यंत विकट है। कई अंचलों में कम वर्षा हुई। उनमें प्राकृतिक पेयजल स्त्रोत या तो सूख गए हैं या सूखने की कगार पर हैं। अधिकतर स्थानों पर जलस्तर काफी नीचे चला गया है। 158 नगरीय निकायों में रोजाना पीने को पानी भी उपलब्ध नहीं है।ग्रामीण क्षेत्रों में भी हजारों हैडपंपों ने जवाब दे दिया है और कुओं, तालाबों व बावडियों में भी कई सूख गए हैं। इन्हीं हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने उक्त तहसीलों को सूखा प्रभावित घोषित करने का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन उन्हें सूखाग्र्रस्त घोषित किया जाता, इससे पहले आचार संहिता प्रभावी हो गई। सरकार ने बाद में 5 मार्च को इसके लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी। निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता प्रभावी रहने तक (28 मई) अनुमति देने में असमर्थता व्यक्त कर दी है।इस कारण इन तहसीलों के बाशिंदों को राहत मिलने की उम्मीदों पर फिलहाल पानी फिर गया है। आयोग की अनुमति नहीं मिलने के कारण सूखाग्र्रस्त घोषित होने में दो माह से ज्यादा का विलंब होगा। इस स्थिति में इन तहसीलों के बाशिंदों को हर तरह की सहायता व राहत भी इतने ही विलंब से मिल सकेगी।ये तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित होनी हैं देवास, टोंकखुर्द, कन्नोद, सतवास, खातेगांव, बागली, हाटपिपल्या, रतलाम, सेलाना, बाजना, जावरा, पिपलोदा, आलोट, शाजापुर, गुलाना, मोमन बडोदिया, शुजालपुर, कालापीपल, मल्हारगढ, महिदपुर, तराना, इंदौर, महू, सांवेर, देपालपुर, हातोद, धार, सरदारपुर, धरमपुरी, गंधवानी, पेटलावद, थांदला, अलीराजपुर, भाभरा, खरगौन, भगवानपुरा, सेगांव, भीकनगांव, झिरन्या, महेश्वर, बडवाह, कसरावद, गोगावा, ठीकरी, राजपुर, सेंधवा, निवाली, अंजड, पंधाना, बुरहानपुर, हुजूर, बैरसिया, सीहोर, इछावर, आष्टा, बुधनी, नसरूल्लागंज, रेहटी, श्यामपुर, गोहरगंज, बेगमगंज, बरेली, उदयपुरा, बाडी, राजगढ, खिलचीपुर, जीरापुर, सारंगपुर, पचौर, होशंगाबाद, बाबई, इटारसी, सोहागपुर, बनखेडी, सिवनी मालवा, शाहपुर, मुलताई, आमला, भैंसदेही, आठनेर, हरदा, टिमरनी, रेहटगांव, देवरी, केसली, शाहनगर, अजयगढ, रैपुरा, पन्ना, लौंडी, गौरीहार, चंदला, राजनगर, कुण्डम, मझौली, बिछिया, निवास, रीठी, नरसिंहपुर, करेली, गाडरवाडा, तामिया, परासिया, जुन्नारदेव, सौंसर, पाण्ढुर्ना, बिछुवा, चौरई, उमरेठ, सिवनी, कुरई, केवलारी, बारासिवनी, लालबर्रा, खैरलांजी, लांजी, कटंगी, ग्वालियर, भितरवार, चाचौडा, दतिया, हुजूर, रायपुर, कर्चुलियान, गुढ, गोपदबनास, सिंहावल, कुसमी, मझौली, रामपुर नैकिन, चुरहट, देवसर, चितरंगी, सिंगरौली, रघुराजनगर, रामपुर बघेलान, नागौद, मैहर, उचहेरा, मझगंवा, कोटर, बिरसिंहपुर, अमरपाटन, रामनगर, जैतपुर, सोहागपुर, पुष्पराजगढ, कोतमा, जैतहरी, अनूपपुर, पाली, डिण्डोरी और शाहपुरा।यह होगा असर - केन्द्र से मदद में विलंब होगा।- सूखापीडितों की मदद के राहत कार्य देर से शुरू हो पाएंगे।- बाढेगी भुखमरी और कुपोषण।- किसान, मजदूर और अन्य लोग करेंगे पलायन।- पलायन से प्रभावित होगा मतदान।- सरकार के प्रति बढेगा जनाक्रोश।- गडबडाएगी कानून व्यवस्था।

मुरेना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के विकास का ब्लू प्रिंट बनेगा - नरेन्द्र सिंह

श्योपुर (उमेश सक्सेना )25 मार्च मुरेना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के विकास का ब्लू प्रिंट बनेगा - नरेन्द्र सिंह से दिमनी तक मुरैना , अम्बाह , जौरा होते हुए पूरे मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के विकास का ब्लू प्रिट तैयार किया जाकर विकास सुनिश्चित किया जाएगा । मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नरेन्द्र सिंह तोमर ने अपने संसदीय क्षेत्र के श्योपुर की उप तहसील बडौदा से अपनी न्यया यात्रा के प्रारंभ के अवसर पर आमसभा को सम्बोधित कर रहे थे । उन्होने कहा कि विकास का यह ब्लू प्रिंट क्षेत्र के सभी नागरिकों , जनप्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श कर बपाया जाएगा । बडौदा कस्बे के सब्जीमंडी चौक पर आयोजित हुई जनसभा को सम्बोधित करते हुए उन्होने कहा कि मुरैना-श्योपुर क्षेत्र के विकास के मामले में एक नम्बर का संसदीय क्षेत्र बनने की प्रक्रिया 30 अपे्रल के बाद आरंभ होगी । भाजपा प्रत्याशी तोमर ने जनता को विश्वास दिलाया कि इस सामूहिक रायशुमारी के बाद कृषि , स्वास्थ्य , शिक्षा एवं उद्योग से जुडी सभी परयोजनाओं को मध्यप्रदेश एवं केन्द्र में बनने वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार के साथ मिलकर विकास के धरातल पर उतारा जाएगा । श्री नरेन्द्र सिेह तोमर ने कहा कि देश में बढती मंहगाई , आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा में विफलता के लिए युपीए सरकार की नीतियों ही जिम्मेदार है ।इस अवसर पर बडौदा कस्बे में तोमर ने जुलूस के साथ जनसम्पर्क किया । आमसभा के बाद तोमर ने न्याय यात्रा के रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया । उसके बाद न्याय यात्रा का काफिला गांव गांव आगे बढ़ गया ।

Tuesday, March 24, 2009


श्योपुर प्रशासन द्वारा आचार संहिता की अनदेखीश्योपुर (उमेश सक्सेना) 24 मार्च 2009 मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र में होने जा रहे लोकसभा आम चुनाव 2009 के लिए यद्यपि मतदान 30 अपे्रल 2009 को होना तय है । तथापि आदर्श आचार संहिता तिथि घ्ाोषणा के साथ ही प्रभावशील हो गई है । जिला प्रशासन ने यह घ्ाोषणा भी की है कि शासकीय भवनों, खम्बों, पुल पुलिया, सहित सभी शासकीय सम्पतियों पर प्रचार प्रसार न करें । परन्तु श्योपुर प्रशासन ने सिर्फ घ्ाोषणा ही कर दी है । इन घ्ाोषणाओं को अमल में नही लाया है । श्योपुर रेल्वे प्लेटफार्म के सामने ही मुख्य रेल पथ निरीक्षक का कार्यालय एवं भंडार गृह एवं वहीं मुख्य रेल पथ निरीक्षक का निवास के चारो ओर की बाउन्ड्री वाल पर मध्यप्रदेश सरकार के विकास कार्यों से संबंधित नारे लिखे हुए है । जैसे - प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं के लिए नई सडकों का विकास तीन वष्र में 41 हजार किलोमीटर नई सडकों का निर्माण ।मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश स्वर्णिम बने अपना मध्यप्रदेश ।खेतिहर श्रमिको के लिए मुख्यमंत्री खेतिहर मजदूर सुरक्षा योजना अब तक 14 लाख मजदूरों का पंजीयन । आदि नारे लिखे हुए हैं । यह श्योपुर शहर की मुख्य जगह है जहाँ से हजारों की संख्या में लोग निकलते हैं । वहीं रेल्वे प्लेटफार्म के कोन पर जिला पंचायत के होर्डिंग भी लगे हुए , परन्तु जिला प्रशासन ने अभी तक नही इन नारों को मिटवाया है और न ही होर्डिंग को हटवाने की कार्यवाही की है ।