श्योपुर जिला शिक्षा विभाग में बढ़ता भ्रष्टाचार
श्योपुर<><><><><><>उमेश सक्सेना<><> <><><><> 25 जुलाई 2009 मध्यप्रदेश शासन ने केन्द्रीय शिक्षा बोर्ड के पेटर्न पर ही प्रदेश का शैक्षणिक केलेन्डर की घ्ाोषणा पिछले वर्ष की थी जिसके अनुसार शिक्षण सत्र 1 अपे्रल से मार्च तक कर दिया गया है । नवीन शिक्षा सत्र ं अपे्रल से ही शुरू हो गया, बीच में मई और जून माह में ग्रीष्मावकाश के बाद पुन: जुलाई से प्रारंभ हो जाता है ।
माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल ने जुलाई माह में प्रदेश के सभी अशासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेन्ड्री स्कूलों की मान्यता जारी कर दी है । परन्तु श्योपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अभी तक जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर तक के अशासकीय विद्यालयों की मान्यता सूची जारी नही की है । जुलाई माह समाप्त होने को है और अभी तक निरीक्षणकर्त्ता शालाओं का निरीक्षण करके विद्यालयों की फाइलें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा नही कर पाए है ।
कई निरीक्षण अधिकारियों ने तो निरीक्षण फाइलें विद्यालयों से सेवा शुल्क प्राप्त नही होने के कारण डीईओ कार्यालय में जमा नही कराई और विद्यालयों को धौंस और दी गई कि अगर सेवा शुल्क प्रति फाइल एक हजार रूपए नही दिए गए तो विद्यालय के पात्र छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति से वंचित रहना पडेगा जिसकी जिम्मेदारी विद्यालय की ही होगी ।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाना चाहते हैं परन्तु इससे अलग हटकर श्योपुर जिले में पदस्थ अधिकारी इस जिले को भ्रष्टाचार युक्त बनाने पर तुले हुए है । प्रदेश से भ्रष्टाचार को हटाने के उद्देश्य को लेकर ही माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने प्रति वर्ष अशासकीय हाईस्कूल एवं हायरसेकेन्ड्री स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण की प्रक्रिया को एक वर्ष से बढाकर तीन वर्ष के लिए कर दी है । इसी प्रकार सन् 1994 में कक्षा 1 से लकर 4 तक की कक्षा चलाने के लिए अशासकीय स्कूलों की मान्यता की आवश्यकता नही होगी इस प्रकार के आदेश जारी किए गए थे ।
जिले में शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार का आलम यह है कि अशासकीय विद्यालय अपनी मनमानी करने पर तुले हुए हैं । अधिकारियों को उनका सेवा शुल्क प्राप्त हो जाता है तो कहाँ क्या अनियमितताऐं हैं देखने की आवश्यकता ही नही समझते है । अशासकीय विद्यालयों का आलम यह है कि बिना टी0सी0 के किसी भी कक्षा में बच्चे का एडमीशन कर लिया जाता है , जबकि नियम यह है कि कक्षा तीन चार के बाद बिना टी0स्ाी0 के किसी भी में एडमीशन नही किया जाना चाहिए ,परन्तु बच्चे के अभिभावक टी0सी0 लाये या नही जिस कक्षा में चाहें उस कक्षा में बच्चे का एडमीशन हो जाता है । आलम यह है कि आठवीं फेल बच्चे को भी कक्षा 9 में एडमीशन मिल जाएगा ।
माध्यमिक शिक्षा मंउल ने श्योपुर जिले के 28 अशासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेन्ड्री स्कलों को मान्यता प्रदान की है । परन्तु जिले मुख्यालय में ही कई माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं जिनको कक्षा 8 तक ही विद्यालय चलाने की मान्यता जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त हैं परन्तु कक्षा 9 और कक्षा 10 वीं की कक्षाऐं संचालित कर रहे हैं और तब कोई अधिकारी जाँच के लिए आता है तो उसे यह कहकर कि कक्षा 9 एवं 10 की कोचिंग क्लासेस चलाते हैं और इा बच्चों का एडमीशन किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूलों मे नाम लिखा दिया जाता हैं । अगर मान्यता प्राप्त हाईस्कूलों और हायरसेकेन्ड्री स्कूलों की सूक्ष्मता से जाँच की जाए तो पता चल जाएगा कि जितने बच्चों का एडमीशन बताया गया हैं उतने बच्चे उस विद्यालय में आ रहे या नही और नही आ रहे हैं तो किस कारण से नहीे आ रहे हैं , और उन विद्यालयों में जहाँ कोचिंग के नाम से विद्यालय समय में कक्षा 9 वीं एवं 10 वीं के छात्रों को पढाया जा रहा हैं उनसे पूछा जाए कि तुम लोगों के एडमीशन कहाँ हैं तो स्थिति साफ हो जाएगी । अधिकारियों को सेवा शुल्क पहुँच जाने के कारण ही माध्यमिक तक मान्यता प्राप्त जिले के विद्वालय कक्षा 9 एवं 10 तक बच्चों को कोचिं्र के नाम से पढा रहे हैं । इनकी जाँच करना आवश्यक हैं ।
इसी सेवा शुल्क की प्रथा के चलते शासन के नियमों की धज्जियां उडाई जाती हैं । अशासकीय स्कूलों में मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित पुस्तके चलाना अनिवार्य हैं ,परन्तु कमीशन के चर में प्राइवेट विद्यालय शिक्षा विभाग की नाक के तले इन पुस्तकों को न चलाते हुए निजी प्रकाशकों की किताबों बच्चों को दिलाने के लिए पालकों को कहते हें और किताबे भी इतनी कि बच्चों के बजन से अधिक बच्चों के बस्तों का वजन लाद कर ले जाना पडता है और आलम यह कि किताबें इतनी अधिक होती हैं कि बच्चे साल भर में भी उन किताबों को पूरी खोल भी नही पाते पढने की बात तो दूर रही । शिक्षा विभाग की यह अनदेखी सिर्फ अशासकीय विद्यालयों से मिलने वाले सेवा शुल्क की वजह से ही है ।
Monday, July 27, 2009
Saturday, May 16, 2009
लोकसभा निर्वाचन श्योपुर और विजयपुर विधानसभा की मतगणना संपन्न
लोकसभा निर्वाचन श्योपुर और विजयपुर विधानसभा की मतगणना संपन्न
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा निर्वाचन 2009 के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 श्योपुर और 2 विजयपुर के क्षेत्र में 30 अपे्रल 2009 को कराये गये शांति पूर्वक मतदान की मतगणना शासकीय महाविद्यालय श्योपुर में आत शांपिूर्वक संपन्न हुई । मतगणना के दौरान श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रेक्षक श्री आर0के0 चर्तुवेदी और विजयपुर क्षेत्र के प्रेक्षक डॉ0आर0नरेन्दर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एस0एन00रूपला, पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद वर्मा और एआरओ श्योपुर श्री राहुल जैन, विजयपुर श्री एस0आर0सालंकी ने मतगणना स्थल शासकीय महाविद्यालय श्योपुर पर मतगणना कार्य को अंतिम रूप दिया ।
लोकसभा निर्वाचन 2009 के मतदान की मतगणना के अंतर्गत श्योपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना 15 राउण्ड में पूरी कराई गई । इसी प्रकार विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना 14 राउण्ड में पूर्ण हुई । कांग्रेस के उम्मीदवार श्री रामनिवास रावत को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 31718 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 36874 और भाजपा के उम्मीदवार श्री नरेन्द्र सिंह तोमर को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 29623 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 27757 मत प्राप्त हुये । जबकि बसपा के उम्मीदवार श्री बलवीर सिंह डण्डोतिया को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 9916 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 9485 मत प्राप्त हुए ।
श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नियुक्त पे्रक्षक श्री आर0के0चतुर्वेदी और विजयपुर क्षेत्र के पे्रक्षक डॉ0आर0 नरेन्दर द्वारा मतगणना के प्रारंभ में आज प्रात: 5 बजे से 6 बजे के बीच रैण्डामाईजेशन की प्रक्रिया संपन्न कराई गई । इसके उपरान्त ही मतगणना कार्य प्रारंभ किया गया । इसी प्रकार दोनो विधानसभाओं की मतगणना के दौरान राउण्डवार मतगणना कार्य का अवलोकन किया गया । श्योपुर और विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना की प्रक्रिया संपन्न कराने के लिये 36-36 गणना पर्यवेक्षकों एवं मतगणना सहायकों और माइको सुपरवाइजर की नियुक्ति की जाकर, मतगणना कराई गई ।
लोकसभा निर्वाचन की मतगणना शासकीय महाविद्यालय श्योपुर में कराने के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने हूतु मतगणना स्थल को प्रतिबंधित घाषित किया गया था । साथ ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये ।
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा निर्वाचन 2009 के अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 श्योपुर और 2 विजयपुर के क्षेत्र में 30 अपे्रल 2009 को कराये गये शांति पूर्वक मतदान की मतगणना शासकीय महाविद्यालय श्योपुर में आत शांपिूर्वक संपन्न हुई । मतगणना के दौरान श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रेक्षक श्री आर0के0 चर्तुवेदी और विजयपुर क्षेत्र के प्रेक्षक डॉ0आर0नरेन्दर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री एस0एन00रूपला, पुलिस अधीक्षक श्री प्रमोद वर्मा और एआरओ श्योपुर श्री राहुल जैन, विजयपुर श्री एस0आर0सालंकी ने मतगणना स्थल शासकीय महाविद्यालय श्योपुर पर मतगणना कार्य को अंतिम रूप दिया ।
लोकसभा निर्वाचन 2009 के मतदान की मतगणना के अंतर्गत श्योपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना 15 राउण्ड में पूरी कराई गई । इसी प्रकार विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना 14 राउण्ड में पूर्ण हुई । कांग्रेस के उम्मीदवार श्री रामनिवास रावत को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 31718 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 36874 और भाजपा के उम्मीदवार श्री नरेन्द्र सिंह तोमर को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 29623 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 27757 मत प्राप्त हुये । जबकि बसपा के उम्मीदवार श्री बलवीर सिंह डण्डोतिया को श्योपुर विधानसभा क्षेत्र से 9916 एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से 9485 मत प्राप्त हुए ।
श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नियुक्त पे्रक्षक श्री आर0के0चतुर्वेदी और विजयपुर क्षेत्र के पे्रक्षक डॉ0आर0 नरेन्दर द्वारा मतगणना के प्रारंभ में आज प्रात: 5 बजे से 6 बजे के बीच रैण्डामाईजेशन की प्रक्रिया संपन्न कराई गई । इसके उपरान्त ही मतगणना कार्य प्रारंभ किया गया । इसी प्रकार दोनो विधानसभाओं की मतगणना के दौरान राउण्डवार मतगणना कार्य का अवलोकन किया गया । श्योपुर और विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की मतगणना की प्रक्रिया संपन्न कराने के लिये 36-36 गणना पर्यवेक्षकों एवं मतगणना सहायकों और माइको सुपरवाइजर की नियुक्ति की जाकर, मतगणना कराई गई ।
लोकसभा निर्वाचन की मतगणना शासकीय महाविद्यालय श्योपुर में कराने के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने हूतु मतगणना स्थल को प्रतिबंधित घाषित किया गया था । साथ ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये ।
Thursday, April 30, 2009
श्योपुर जिले में लोकसभा निर्वाचन के अंतर्गत 51 प्रतिशत मतदान शोतिपूर्वक सम्पन्न
श्योपुर जिले में लोकसभा निर्वाचन के अंतर्गत 51 प्रतिशत मतदान शोतिपूर्वक सम्पन्न
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> 30/04/2009 लोकसभा निर्वाचन 2009 के अंतर्गत श्योपुर जिले में 51.14 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया । मतदान शांतिपूर्वक रहा । विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 श्यापुर एवं विधानसभा क्षे। क्रमांक में कुल 405 मतदान केन्द्रों पर मतदान का कार्य कराया गया । श्योपुर विधान सभा क्षेत्र में प्राप्त जानकारी के अनुसार 47.14 प्रतिशत मतदान हुआ जिसमें पुरूषों का प्रतिशत 55.01 तथा महिलाओं का प्रतिशत 37.98 रहा । इसी प्रकार विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 55.41 प्रतिशत मतदान की जानकारी प्राप्त हुई जिसमें पुरूषों का प्रतिशत 59.89 एवं महिलाओं का प्रतिशत 50.60 रहा ।
लाकसभा निर्वाचन के लिए श्योपुर एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान केन्द्रों पर प्रात: 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया प्रारंभ हुई तथा सभी मतदान केन्द्रों पर मॉकपोल की कार्यवाही संपन्न कराई गई । कई मतदान केन्दों पर गर्मी की वजह से दोपहर के पूर्व ही मतदान में लोगों को देखा गया । उसके बाद मतदान की गति में कमी होने लगी । श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सोईंकला स्थित मतदान केन्द्र पर दिन में एक बजे तक 40 प्रतिशत मतदान हुआ , एवं रायपुरा में 35 प्रतिशत मतदान हो चुका था । इसी प्रकार शहरी क्षेत्र श्योपुर के मतदान केन्द्र किला , अग्रवाल नाहरा, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में 11 बजे तक 30 प्रतिशत मतदान हो चुा था । ग्राम भसुन्दर में दोपहर 2.30 जे तक मतदान केन्द्र 170 पर 337 मतदाताओं मे से 235 मतदाता मतदान कर चुके थे । विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पुरा स्थित मतदान केन्द्र क्रमांक 30 पर दोपहर 1.30 बजे तक 28 प्रतिशत तथा मतदान केन्द्र 31 पर 37 प्रतिशत एवं ग्राम ककरधा में प्रात: 10.30 बजें तक 48 प्रतिशत मतदान हुआ ।
लोकसभा निर्वाचन 2009 के तहत जिले की श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख् 69 हजार 228 मतदाता हैं इनमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 91 हजार 45 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 78 हजार 183 है । इसी प्रकार विजयप विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 1 लाख् 58 हजार 569 है । जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 86 हजार 218 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 72 हजार 351 है । जिनमें से दोनों विधानसभाओं के अंतर्गत जानकारी के आधाप पर 51.14 प्रतिशत मतदान हुआ । जिला प्रशासन द्वारा शांतिपूर्वक मतदान के लिए 37 जोन बनाये गए थे तथा 15 सेक्टर में क्षेत्र को विभाजित किया गया था ।
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> 30/04/2009 लोकसभा निर्वाचन 2009 के अंतर्गत श्योपुर जिले में 51.14 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया । मतदान शांतिपूर्वक रहा । विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 श्यापुर एवं विधानसभा क्षे। क्रमांक में कुल 405 मतदान केन्द्रों पर मतदान का कार्य कराया गया । श्योपुर विधान सभा क्षेत्र में प्राप्त जानकारी के अनुसार 47.14 प्रतिशत मतदान हुआ जिसमें पुरूषों का प्रतिशत 55.01 तथा महिलाओं का प्रतिशत 37.98 रहा । इसी प्रकार विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 55.41 प्रतिशत मतदान की जानकारी प्राप्त हुई जिसमें पुरूषों का प्रतिशत 59.89 एवं महिलाओं का प्रतिशत 50.60 रहा ।
लाकसभा निर्वाचन के लिए श्योपुर एवं विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान केन्द्रों पर प्रात: 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया प्रारंभ हुई तथा सभी मतदान केन्द्रों पर मॉकपोल की कार्यवाही संपन्न कराई गई । कई मतदान केन्दों पर गर्मी की वजह से दोपहर के पूर्व ही मतदान में लोगों को देखा गया । उसके बाद मतदान की गति में कमी होने लगी । श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सोईंकला स्थित मतदान केन्द्र पर दिन में एक बजे तक 40 प्रतिशत मतदान हुआ , एवं रायपुरा में 35 प्रतिशत मतदान हो चुका था । इसी प्रकार शहरी क्षेत्र श्योपुर के मतदान केन्द्र किला , अग्रवाल नाहरा, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में 11 बजे तक 30 प्रतिशत मतदान हो चुा था । ग्राम भसुन्दर में दोपहर 2.30 जे तक मतदान केन्द्र 170 पर 337 मतदाताओं मे से 235 मतदाता मतदान कर चुके थे । विजयपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पुरा स्थित मतदान केन्द्र क्रमांक 30 पर दोपहर 1.30 बजे तक 28 प्रतिशत तथा मतदान केन्द्र 31 पर 37 प्रतिशत एवं ग्राम ककरधा में प्रात: 10.30 बजें तक 48 प्रतिशत मतदान हुआ ।
लोकसभा निर्वाचन 2009 के तहत जिले की श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख् 69 हजार 228 मतदाता हैं इनमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 91 हजार 45 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 78 हजार 183 है । इसी प्रकार विजयप विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 1 लाख् 58 हजार 569 है । जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 86 हजार 218 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 72 हजार 351 है । जिनमें से दोनों विधानसभाओं के अंतर्गत जानकारी के आधाप पर 51.14 प्रतिशत मतदान हुआ । जिला प्रशासन द्वारा शांतिपूर्वक मतदान के लिए 37 जोन बनाये गए थे तथा 15 सेक्टर में क्षेत्र को विभाजित किया गया था ।
Tuesday, April 28, 2009
लोकसभा चुनाव प्रचार थमा सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबन्ध
लोकसभा चुनाव प्रचार थमा सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबन्ध
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> लोकसभा निर्वाचन 2009 के लिये होने वाले चुनाव आज शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया । आयोग के निर्देशानुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सार्वजनिक सभाओं पर भी प्रतिबन्ध लग गया । मतदान समाप्ति दिनांक 30 अपे्रल 2009 को शाम पांच बजे तक अवधि मेंकोई भी राजनैतिक पार्टी या निर्दलीय प्रथ्याशी निर्वाचन के संबंध में कोई सार्वजनिक सभा व जुलुस आयोजित नही कर सकेगा । इसके साथ ही चलचित्र टेलीविजन या अन्य सचित्रों द्वारा जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का प्रदर्शन नही करेगा ।
इस अवधि में मदिरा विक्रय पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा । साथ ही आज शाम 5 बजे के बाद मतदान समाप्ति तक किसी भी राजनैतिक दल के बाहरी व्यक्ति जो लोकसभा क्षेत्र के मतदाता नही है हैं वे लोकसभा क्षेत्र में नही रह सकेगे ।
लोकसभा चुनाव में मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के 13 लाख 38 हजार 914 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेगें । इसमें 7 लाख 37 हजार 012 पुरूष और 6 लाख 01 हजार 902 महिला मतदाता हैं । विधानसभा क्षेत्र सबलगढ में 84 हजार 300 पुरूष और 70 हजार 640 महिला कुल 01 लाख 54 हजार 940 मतदाता, जौरा में 95 हजार 810 पुरूष और 77 हजार 793 महिला कुल 1 लाख 603 मतदाता, सुमावली में 97 हजार 630 पुरूष और 77 हजार 262 महिला कुल 1 लाख 74 हजार 892 मतदाता, मुरैना में 01 लाख 01 हजार 966 पुरूष और 80 हजार 908 महिला कुल 1 लाख 82 हजार 874 मतदाता, दिमनी में 88 हजार 954 पुरूष और 70 हजार 395 महिला कुल 1 लाख 59 हजार 349 मतदाता, अम्बाह में 91 हजार 116 पुरूष और 74 हजार 399 महिला कुल 1 लाख 65 हजार 465 मतदाता, श्योपुर में 91 हजार 026 पुरूष और 78 हजार 204 महिला कुल 1 लाख 69 हजार 230 मतदाता तथा विजयपुर में 86 हजार 210 पुरूष और 72 हजार 351 महिला कुल 1 लाख 58 हजार 561 मतदाता है ।
इस प्रकार मुरैना-श्योपुर क्षेत्र में कुल 13 लाख 39 हजार 897 मतदाता नरेन्द्र सिंह तोमर (भाजपा),रामनिवास रावत (कांगे्रस), बलबीर सिंह दंडोतिया(बसपा), बैजनाथ कुशवाह (सपा), सहित कुल 24 प्रत्याशियों के भाग का फैसला 30 अपे्रल 2009 को करेंगे ।
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> लोकसभा निर्वाचन 2009 के लिये होने वाले चुनाव आज शाम पांच बजे चुनाव प्रचार थम गया । आयोग के निर्देशानुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सार्वजनिक सभाओं पर भी प्रतिबन्ध लग गया । मतदान समाप्ति दिनांक 30 अपे्रल 2009 को शाम पांच बजे तक अवधि मेंकोई भी राजनैतिक पार्टी या निर्दलीय प्रथ्याशी निर्वाचन के संबंध में कोई सार्वजनिक सभा व जुलुस आयोजित नही कर सकेगा । इसके साथ ही चलचित्र टेलीविजन या अन्य सचित्रों द्वारा जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का प्रदर्शन नही करेगा ।
इस अवधि में मदिरा विक्रय पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा । साथ ही आज शाम 5 बजे के बाद मतदान समाप्ति तक किसी भी राजनैतिक दल के बाहरी व्यक्ति जो लोकसभा क्षेत्र के मतदाता नही है हैं वे लोकसभा क्षेत्र में नही रह सकेगे ।
लोकसभा चुनाव में मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के 13 लाख 38 हजार 914 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेगें । इसमें 7 लाख 37 हजार 012 पुरूष और 6 लाख 01 हजार 902 महिला मतदाता हैं । विधानसभा क्षेत्र सबलगढ में 84 हजार 300 पुरूष और 70 हजार 640 महिला कुल 01 लाख 54 हजार 940 मतदाता, जौरा में 95 हजार 810 पुरूष और 77 हजार 793 महिला कुल 1 लाख 603 मतदाता, सुमावली में 97 हजार 630 पुरूष और 77 हजार 262 महिला कुल 1 लाख 74 हजार 892 मतदाता, मुरैना में 01 लाख 01 हजार 966 पुरूष और 80 हजार 908 महिला कुल 1 लाख 82 हजार 874 मतदाता, दिमनी में 88 हजार 954 पुरूष और 70 हजार 395 महिला कुल 1 लाख 59 हजार 349 मतदाता, अम्बाह में 91 हजार 116 पुरूष और 74 हजार 399 महिला कुल 1 लाख 65 हजार 465 मतदाता, श्योपुर में 91 हजार 026 पुरूष और 78 हजार 204 महिला कुल 1 लाख 69 हजार 230 मतदाता तथा विजयपुर में 86 हजार 210 पुरूष और 72 हजार 351 महिला कुल 1 लाख 58 हजार 561 मतदाता है ।
इस प्रकार मुरैना-श्योपुर क्षेत्र में कुल 13 लाख 39 हजार 897 मतदाता नरेन्द्र सिंह तोमर (भाजपा),रामनिवास रावत (कांगे्रस), बलबीर सिंह दंडोतिया(बसपा), बैजनाथ कुशवाह (सपा), सहित कुल 24 प्रत्याशियों के भाग का फैसला 30 अपे्रल 2009 को करेंगे ।
Friday, April 24, 2009
श्योपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह ?
श्योपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह ?
श्योपुर <><><> उमेश सक्सेना<><><> श्योपुर जिला मुख्यालय के ग्रामीण क्षेेत्रों के अधिकतर शासकीय प्रायमरी एवं माध्यमिक विद्यालयों का यदि निरीक्षण किया जाये तो स्कूलों की स्थिति शासन के नियम कायदों एवं शिक्षा नीति के बिल्कुल विपरीत मिलेगी ।
ग्रामीण क्षेत्रों के अनेंक शासकीय शिक्षण संस्थाऐं ऐसी मिलेगी जहाँ एक सैकडा से अधिक बच्चों पर एक या दो ही शिक्षक उन्हे अध्यापन करा रहे है , और कई शासकीय विद्यालय ऐसे है जहाँ 67 बच्चों को 4-4 अध्यापक पढा रहे हैं । अब ऐसी स्थिति में शिक्षक उन्हे कैसे और कितना पढा पाते हैं यह तो अध्ययनरत छात्र,छात्राऐं या उनके अभिभावक ही बता सकते हैं । दसरी ओर शिक्षकों की स्थिति देखें तो पता चलेगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक अध्यापक/अध्यापिकाऐं ऐसे हैं जिन्हे 10 से 20 वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में अध्यापन कराते हुए हो गए है ।
मध्यप्रदेश की शिक्षा नियमों के अनुसार अगर देखा जाए तो 40 बच्चों पर एक शिक्ष्क की पदस्थी होना चाहिए , परन्तु इसके विपरीत शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय दातारदां में 107 बच्चों के नाम दर्ज ळैं और कु0 रितु गोयल, श्रीमती मीरा बघ्ोल, श्री ओम प्रकाश राय अध्यापक पदस्थ है । यहां कोई प्रधानाध्यापक नहीं है अगर वो होता तों यहाँ 107 बच्चों पर 4 अध्यापक हो जाते जबकि यहां सिर्फ 2 अध्यापक ही काफी थे ।
इसी प्रकार
शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय दातारदां में सिर्फ 67 बच्चों के नाम पंजी रजिस्टर मं दर्ज हैं और श्री शम्सुद्दीन कुर्रेशी प्रधानाध्यपक , हीरालाल रावत , रामसिंह रावत, हनुमान जांगिड पदस्थ हक् जबकि यहां भी दो अध्यापकों से ही अध्यापन कार्य करवाया जा सकता है । यहां यह भी उल्लेखनीय है कि शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक
:तो चार हैं तरन्तु अध्यापन का कार्य एक या दो शिक्षक करवा पाते हैं क्योकि इसमें से एक अपनी निजी चिकित्सीय पे्रक्टिस भी करते हैं जिसके चलते विद्यालय की ओर ध्यान नही दे पाते क्योंकि शासन की ओर से जो वेतन प्राप्त होता है वह तो ब्याज है असल में तो ग्रामीणें का इलाज करके जो रूपया प्राप्त होता हे वही असली कमाई है । एक अन्य शिक्ष्क सामरसा गांव में रहकर अन्य कार्य करते है जब उससे फुरसत मिल गई तो स्कूल आ जाते हें बाकी बचे शिक्षक यदा कदा बच्चों को पढा ही देते है ।
स्कूल शिक्षा विभाग के इस प्रकार के नियम भी आ चुके हैं कि जहाँ एक ही जगह और पास पास कन्या और बालक प्रायमरी विद्यालय अलग अलग हैं उन विद्यालयों को एक ही विद्यालय में मिलाकर दोनो विद्यालयों के छात्र/छात्राओं के मान से शिक्षक की पदस्थापना करके बचे हुए शिक्षकों को अन्यत्र भेज दिया जाए । जिससे जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक और अध्यापकों की संख्या कम हैं वहां सही तरीके से अध्यापन कार्य करवाया जा सकता है ।
श्योपुर जिले का ही एक ग्राम सौभागपुरा हैं जहाँ शासकीय प्रायमरी एवं माध्यमिक विद्यालय में कुल छात्र-छात्राओं की संख्या 145 दर्ज है जिस पर मात्र एक ही शिक्षक बलराम आदिवासी पदस्थ है, विद्यालय के शेष दो शिक्षकों मे से एक देवकीनंदन शर्मा यहों से बाहर जा चुके हैं तथा दूसरे शिक्षक दिनेश सगर डीपीसी कार्यालय कलेक्ट्रेड भवन जिला श्योपुुर की निर्माध शाखा में पदस्थ हैं । जिन्हे इसी शाखा से तात्कालीन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चन्द्रशेखर बोरकर ने लापरवाही के चलते निलम्बित कर दिया था, किन्तु इसके बावजूद उक्त शिक्ष्क को इसी निर्माण शाखा पर बहाल करते हुए पदस्थ किया गया है । जबकि शासन की ओर से संलग्नीकरण के प्रावधान समाप्त कर दिये गए हैं ।
ऐसी स्थिति में यदि डीपीसी कार्यालय को किसी कर्मचारी की आवश्यकता भी है तो दन विद्यालयों से शिक्षक संलग्न किये जाने चाहिए जहां सरप्लस में अध्यापक पदस्थ हैं ।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढाने के लिए विचार एवं मंथन किया जाये कि आखिर यह कौन सी शिक्षा नीति के तहत शासन की व्यवस्थाऐं संचालित हैं अव्यवस्था को दुरूस्त करके किस किस प्रकार शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है ।
श्योपुर <><><> उमेश सक्सेना<><><> श्योपुर जिला मुख्यालय के ग्रामीण क्षेेत्रों के अधिकतर शासकीय प्रायमरी एवं माध्यमिक विद्यालयों का यदि निरीक्षण किया जाये तो स्कूलों की स्थिति शासन के नियम कायदों एवं शिक्षा नीति के बिल्कुल विपरीत मिलेगी ।
ग्रामीण क्षेत्रों के अनेंक शासकीय शिक्षण संस्थाऐं ऐसी मिलेगी जहाँ एक सैकडा से अधिक बच्चों पर एक या दो ही शिक्षक उन्हे अध्यापन करा रहे है , और कई शासकीय विद्यालय ऐसे है जहाँ 67 बच्चों को 4-4 अध्यापक पढा रहे हैं । अब ऐसी स्थिति में शिक्षक उन्हे कैसे और कितना पढा पाते हैं यह तो अध्ययनरत छात्र,छात्राऐं या उनके अभिभावक ही बता सकते हैं । दसरी ओर शिक्षकों की स्थिति देखें तो पता चलेगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक अध्यापक/अध्यापिकाऐं ऐसे हैं जिन्हे 10 से 20 वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में अध्यापन कराते हुए हो गए है ।
मध्यप्रदेश की शिक्षा नियमों के अनुसार अगर देखा जाए तो 40 बच्चों पर एक शिक्ष्क की पदस्थी होना चाहिए , परन्तु इसके विपरीत शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय दातारदां में 107 बच्चों के नाम दर्ज ळैं और कु0 रितु गोयल, श्रीमती मीरा बघ्ोल, श्री ओम प्रकाश राय अध्यापक पदस्थ है । यहां कोई प्रधानाध्यापक नहीं है अगर वो होता तों यहाँ 107 बच्चों पर 4 अध्यापक हो जाते जबकि यहां सिर्फ 2 अध्यापक ही काफी थे ।
इसी प्रकार
शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय दातारदां में सिर्फ 67 बच्चों के नाम पंजी रजिस्टर मं दर्ज हैं और श्री शम्सुद्दीन कुर्रेशी प्रधानाध्यपक , हीरालाल रावत , रामसिंह रावत, हनुमान जांगिड पदस्थ हक् जबकि यहां भी दो अध्यापकों से ही अध्यापन कार्य करवाया जा सकता है । यहां यह भी उल्लेखनीय है कि शासकीय बालक प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक
:तो चार हैं तरन्तु अध्यापन का कार्य एक या दो शिक्षक करवा पाते हैं क्योकि इसमें से एक अपनी निजी चिकित्सीय पे्रक्टिस भी करते हैं जिसके चलते विद्यालय की ओर ध्यान नही दे पाते क्योंकि शासन की ओर से जो वेतन प्राप्त होता है वह तो ब्याज है असल में तो ग्रामीणें का इलाज करके जो रूपया प्राप्त होता हे वही असली कमाई है । एक अन्य शिक्ष्क सामरसा गांव में रहकर अन्य कार्य करते है जब उससे फुरसत मिल गई तो स्कूल आ जाते हें बाकी बचे शिक्षक यदा कदा बच्चों को पढा ही देते है ।
स्कूल शिक्षा विभाग के इस प्रकार के नियम भी आ चुके हैं कि जहाँ एक ही जगह और पास पास कन्या और बालक प्रायमरी विद्यालय अलग अलग हैं उन विद्यालयों को एक ही विद्यालय में मिलाकर दोनो विद्यालयों के छात्र/छात्राओं के मान से शिक्षक की पदस्थापना करके बचे हुए शिक्षकों को अन्यत्र भेज दिया जाए । जिससे जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या अधिक और अध्यापकों की संख्या कम हैं वहां सही तरीके से अध्यापन कार्य करवाया जा सकता है ।
श्योपुर जिले का ही एक ग्राम सौभागपुरा हैं जहाँ शासकीय प्रायमरी एवं माध्यमिक विद्यालय में कुल छात्र-छात्राओं की संख्या 145 दर्ज है जिस पर मात्र एक ही शिक्षक बलराम आदिवासी पदस्थ है, विद्यालय के शेष दो शिक्षकों मे से एक देवकीनंदन शर्मा यहों से बाहर जा चुके हैं तथा दूसरे शिक्षक दिनेश सगर डीपीसी कार्यालय कलेक्ट्रेड भवन जिला श्योपुुर की निर्माध शाखा में पदस्थ हैं । जिन्हे इसी शाखा से तात्कालीन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चन्द्रशेखर बोरकर ने लापरवाही के चलते निलम्बित कर दिया था, किन्तु इसके बावजूद उक्त शिक्ष्क को इसी निर्माण शाखा पर बहाल करते हुए पदस्थ किया गया है । जबकि शासन की ओर से संलग्नीकरण के प्रावधान समाप्त कर दिये गए हैं ।
ऐसी स्थिति में यदि डीपीसी कार्यालय को किसी कर्मचारी की आवश्यकता भी है तो दन विद्यालयों से शिक्षक संलग्न किये जाने चाहिए जहां सरप्लस में अध्यापक पदस्थ हैं ।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढाने के लिए विचार एवं मंथन किया जाये कि आखिर यह कौन सी शिक्षा नीति के तहत शासन की व्यवस्थाऐं संचालित हैं अव्यवस्था को दुरूस्त करके किस किस प्रकार शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने की जिम्मेदारी किसकी है ।
Saturday, April 18, 2009
चौहान की जनसेवा की भावना को देखकर ही भाजपा को स्वीकारा - फूलसिंह बरैया
चौहान की जनसेवा की भावना को देखकर ही भाजपा को स्वीकारा - फूलसिंह बरैया
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> मध्यप्रदेश के शिवराजसिह चौहान के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यो एवं जनसेवा कार्य को देखकर ही मैं भाजपा में शामिल हुआ हॅू , मेरा मुख्य उद्देश्य भी जनसेवा ही है । उक्त बात बहुजन समाज पार्टी एवमफ लोकजन शक्ति पार्टी छोडकर भाजपा में शामिल हुए राष्ट्रीय नेता फूल सिंह बरैया ने पत्रकार वार्ता में कही । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी नरेन्द्र सिंह तोमर के समर्थन में श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसम्पर्क पर आए भाजपा नेता व दलितों के मसाहा कहे जाने वाले फूल सिह बरैया ने आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि मैने हमेशा दलितों के उत्थान के लिए कार्य किए तथा आगे भी दलित उत्थान के लिए कार्य करता रहँगा । चासहे इसके लिए मुझे उसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पडें । उन्होने कहा कि बसपा में रहकर मैने बसपा सुप्रीमों मायावती के समक्ष विगत विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में सरकार बनाने का संकल्प लिया था एवमफ इस संकल्प के तहत मैने 21 सितम्बर को मध्यप्रदेश में विशाल रैली का आयोजन भी किया था किन्तु इस रैली की विशालता को देखकर बसपा सुप्रीमों न केवल डर गई अपितु उन्होने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिेह के साथ षडयंत्र रचकर मझे पाबर््ी से निकाल दिया । बसपा व लोजपा में राष्ट्रीय स्तर का नेता रहने के बावजूद मुझे भाजपा हाईकमान जो निर्देश देगी वह में लिए सर्वोपरी रहेगा । पत्रकारों के सवाल पर श्री बरैया ने कहा कि यह श्योपर जिले की जनता के लिए सौभाग्य होगा कि भाजपा के प्रदेश नेतृत्व कर रहे नरेन्द्र सिंह तोमर उनका प्रतिनिधित्व करेंगे और जिले की जनता की समस्या सीधे प्रदेश व देश स्तर पर उठेगी । पत्रकारों द्वारा भाजपा में उनके उपयोग के सवाल पर उन्होने कहा कि मैने प्रदेश ही नही पूरे देश भर में दलित उत्थान के लिए आवज उठाई है तथा मैं जिस प्रयास से दलित वोट भाजपा में लाऊगां वह न केवल काँग्रेस के लिए शोध का विषय बनेंगे अपितु वहमध्यप्रदेश में बसपा का अंत साबित होगा । भापजा में आने से पूर्व मुढसे सभी पार्टियों ने सम्पर्क किया । किन्तु श्री शिवराज सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्य व मुख्यमंत्री श्री चौहान में जनसेवा की भावना को देखकर ही मैने भाजपा को स्वीकार किया । भाजपा में शामिल होने के बाद भी मेरा एक ही लक्ष्यश् रहेगा कि सरकार के खजाने पर पहला अधिकार गरीबों का होगा ।
श्योपुर <><><>उमेश सक्सेना<><><> मध्यप्रदेश के शिवराजसिह चौहान के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यो एवं जनसेवा कार्य को देखकर ही मैं भाजपा में शामिल हुआ हॅू , मेरा मुख्य उद्देश्य भी जनसेवा ही है । उक्त बात बहुजन समाज पार्टी एवमफ लोकजन शक्ति पार्टी छोडकर भाजपा में शामिल हुए राष्ट्रीय नेता फूल सिंह बरैया ने पत्रकार वार्ता में कही । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी नरेन्द्र सिंह तोमर के समर्थन में श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसम्पर्क पर आए भाजपा नेता व दलितों के मसाहा कहे जाने वाले फूल सिह बरैया ने आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि मैने हमेशा दलितों के उत्थान के लिए कार्य किए तथा आगे भी दलित उत्थान के लिए कार्य करता रहँगा । चासहे इसके लिए मुझे उसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पडें । उन्होने कहा कि बसपा में रहकर मैने बसपा सुप्रीमों मायावती के समक्ष विगत विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में सरकार बनाने का संकल्प लिया था एवमफ इस संकल्प के तहत मैने 21 सितम्बर को मध्यप्रदेश में विशाल रैली का आयोजन भी किया था किन्तु इस रैली की विशालता को देखकर बसपा सुप्रीमों न केवल डर गई अपितु उन्होने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिेह के साथ षडयंत्र रचकर मझे पाबर््ी से निकाल दिया । बसपा व लोजपा में राष्ट्रीय स्तर का नेता रहने के बावजूद मुझे भाजपा हाईकमान जो निर्देश देगी वह में लिए सर्वोपरी रहेगा । पत्रकारों के सवाल पर श्री बरैया ने कहा कि यह श्योपर जिले की जनता के लिए सौभाग्य होगा कि भाजपा के प्रदेश नेतृत्व कर रहे नरेन्द्र सिंह तोमर उनका प्रतिनिधित्व करेंगे और जिले की जनता की समस्या सीधे प्रदेश व देश स्तर पर उठेगी । पत्रकारों द्वारा भाजपा में उनके उपयोग के सवाल पर उन्होने कहा कि मैने प्रदेश ही नही पूरे देश भर में दलित उत्थान के लिए आवज उठाई है तथा मैं जिस प्रयास से दलित वोट भाजपा में लाऊगां वह न केवल काँग्रेस के लिए शोध का विषय बनेंगे अपितु वहमध्यप्रदेश में बसपा का अंत साबित होगा । भापजा में आने से पूर्व मुढसे सभी पार्टियों ने सम्पर्क किया । किन्तु श्री शिवराज सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्य व मुख्यमंत्री श्री चौहान में जनसेवा की भावना को देखकर ही मैने भाजपा को स्वीकार किया । भाजपा में शामिल होने के बाद भी मेरा एक ही लक्ष्यश् रहेगा कि सरकार के खजाने पर पहला अधिकार गरीबों का होगा ।
Wednesday, April 8, 2009
प्रशासनिक स्तर की गति तेज परन्तु राजनैतिक दलो की गति धीमी
प्रशासनिक स्तर की गति तेज परन्तु राजनैतिक दलो की गति धीमी
श्योपुर(उमेश सक्सेना) 8 अपे्रल 2009 मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट के लिए निर्वाचन 30 अपे्रल को होना है जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं वही किसी भी राजनैतिक दलो के प्रचार प्रसार में गति में किसी भी प्रकार की तेजी देखने को नही मिल रही है । मुरैना-श्योपुर संसदीय सीट के सामान्य होने के बाद त्रिकोणीय संघ्ार्ष होता नजर आ रहा है । वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रत्याशी होने के कारण यह सीट काफी प्रमुख हो गई्र है । इसके बावजूद भी श्योपुर व विजयपुर में प्रचार प्रसार सुस्त बना हुआ है । अभी तक यहां किसी भी पार्टी द्वारा बैनर पोस्टरों का इस्तेमाल नहीं किया गया है और न ही कोई प्रचार वाहन इन क्षेत्रों में देखने को मिल रहे है । मुरैना-श्योपुर क्षेत्र के लिए 2 अपे्रल को अधिसूचना जारी हो जाने के बाद भी प्रत्याशियों की चुनावी रणनीति के लिए श्योपुर विजयपुर विधानसभा में प्रचार प्रसार को गति नही मिल पाई है । इधर भाजपा और कांगे्रस प्रत्याशियों द्वारा नामांकन दाखिल हो जाने के बाद भी अभी तक पार्टियों द्वारा श्योपुर विजयपुर में प्रचार प्रसार के लिये कोई रणनीति तैयार नहीं की गई है । इसका पता पार्टी सूत्रों सं प्रचार प्रसार की गतिविधियों पर की गई चर्चा से लगा । मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के श्योपुर विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 3 लाख 27 हजार 791 मतदाता किसी भी प्रत्याशी को हराने जिताने का माद्दा रखते हैं । लेकिन इसे क्षेत्र के मतदाताओं की हमेशा से होती आ रही उपेक्षा के चलते कोई रूचि नही दिखा रहे हैं । इस सीट के 35 वर्षों बाद सामान्य होने से एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रत्याशी होने से यह माना जा रहा था कि सभी दल भारी प्रचार प्रसार के साथ चुनाव लडेगें । क्षेत्र के राजनीतिज्ञों के अनुसार सभी दलों की सुस्ती का कारण सभी राजनैतिक दलों का अंर्तकलह एवं चुनावी खर्च को लेकर लागू की गई निर्वाचन आयोग की सख्ती भी हो सकता है ।तीनों प्रमुख दलो भारतीय जनता पार्टी , कांगे्रस , एवं बहुजन समाजवादी पार्टी , के दिग्गज प्रत्याशी बनाये जाने के चलते प्रारम्भ में यहो के मतदाता काफी उत्साहित थे, मतदाताओं को उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव के दौरान नेताओं द्वारा प्रसार प्रचार होने से अधिक से अधिक लोगों से व्यक्तिगत तौर से मुलाकात करेंगे, परन्तु चुनाव प्रचार में सुस्ती से मतदाताओं की उम्मीदों पर पानी फिरसा गया लगता है ।
श्योपुर(उमेश सक्सेना) 8 अपे्रल 2009 मुरैना-श्योपुर लोकसभा सीट के लिए निर्वाचन 30 अपे्रल को होना है जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं वही किसी भी राजनैतिक दलो के प्रचार प्रसार में गति में किसी भी प्रकार की तेजी देखने को नही मिल रही है । मुरैना-श्योपुर संसदीय सीट के सामान्य होने के बाद त्रिकोणीय संघ्ार्ष होता नजर आ रहा है । वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रत्याशी होने के कारण यह सीट काफी प्रमुख हो गई्र है । इसके बावजूद भी श्योपुर व विजयपुर में प्रचार प्रसार सुस्त बना हुआ है । अभी तक यहां किसी भी पार्टी द्वारा बैनर पोस्टरों का इस्तेमाल नहीं किया गया है और न ही कोई प्रचार वाहन इन क्षेत्रों में देखने को मिल रहे है । मुरैना-श्योपुर क्षेत्र के लिए 2 अपे्रल को अधिसूचना जारी हो जाने के बाद भी प्रत्याशियों की चुनावी रणनीति के लिए श्योपुर विजयपुर विधानसभा में प्रचार प्रसार को गति नही मिल पाई है । इधर भाजपा और कांगे्रस प्रत्याशियों द्वारा नामांकन दाखिल हो जाने के बाद भी अभी तक पार्टियों द्वारा श्योपुर विजयपुर में प्रचार प्रसार के लिये कोई रणनीति तैयार नहीं की गई है । इसका पता पार्टी सूत्रों सं प्रचार प्रसार की गतिविधियों पर की गई चर्चा से लगा । मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के श्योपुर विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 3 लाख 27 हजार 791 मतदाता किसी भी प्रत्याशी को हराने जिताने का माद्दा रखते हैं । लेकिन इसे क्षेत्र के मतदाताओं की हमेशा से होती आ रही उपेक्षा के चलते कोई रूचि नही दिखा रहे हैं । इस सीट के 35 वर्षों बाद सामान्य होने से एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रत्याशी होने से यह माना जा रहा था कि सभी दल भारी प्रचार प्रसार के साथ चुनाव लडेगें । क्षेत्र के राजनीतिज्ञों के अनुसार सभी दलों की सुस्ती का कारण सभी राजनैतिक दलों का अंर्तकलह एवं चुनावी खर्च को लेकर लागू की गई निर्वाचन आयोग की सख्ती भी हो सकता है ।तीनों प्रमुख दलो भारतीय जनता पार्टी , कांगे्रस , एवं बहुजन समाजवादी पार्टी , के दिग्गज प्रत्याशी बनाये जाने के चलते प्रारम्भ में यहो के मतदाता काफी उत्साहित थे, मतदाताओं को उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव के दौरान नेताओं द्वारा प्रसार प्रचार होने से अधिक से अधिक लोगों से व्यक्तिगत तौर से मुलाकात करेंगे, परन्तु चुनाव प्रचार में सुस्ती से मतदाताओं की उम्मीदों पर पानी फिरसा गया लगता है ।
Monday, April 6, 2009
मुरैना-श्योपुर भाजपा प्रत्याशी श्री तोमर साठ लाख रूपए के मालिक है
मुरैना-श्योपुर भाजपा प्रत्याशी श्री तोमर साठ लाख रूपए के मालिक है
श्योपुर 6 मार्च 2009 मुरैना-श्योपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र से भाजपा द्वारा प्रत्याशी बनाए गए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर लगभग साठ लाख रूपए के मालिक है । इनके ,ारा विगत वर्ष आयकर के रूप में 26310 रू0 जमा कराया गया है । यह तथ्य नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत किए गए अपने शपथ पत्र में उजागर किए हैं । इस शपथ पत्र के अनुसार उनके पास 70 हजार रूपए नकद तथा उनकी पत्नी के पास 8 हजार रूपए व बडे लडके देवेन्द्र के पास 2 हजार रूपए नकद हैं । इनकी पुत्री निविदिता एवं दूसरे लडके प्रबल प्रताप सिंह के पास कुछ भी नकद राशि नही है । श्री तोमर के पास ग्वालियर, भोपाल, दिल्ली की विभिन्न बैंकों में कुल 7 लाख 63 हजार 703 रू0 जमा है । वहीं भारतीय जीवन बीमा निगम की तीन पालिसीयों में 26 लाख 45 हजार इनके नाम जमा है । 5 ग्राम सोना स्वयं तथा 25 ग्राम सोना इनकी पत्नी के पास है । बंदूक, रिवाल्वर के साथ ही भोपाल में माता मंदिर के पास मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाई गई कालोनी में 23 लाख रूपए का फलेट इनके द्वारा बुक कराया गया है , जिसके लिए भोपाल की ही पंजाब नेशनल बैंक से 17 लाख 80 हजार रूपए का लोन इनके द्वारा लिया गया है । पिछले वित्तीय वर्ष में आयकर के रूप में 26 हजार 310 रू0 की राशि श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के द्वारा जमा कराया गया है ।
श्योपुर 6 मार्च 2009 मुरैना-श्योपुर लोकसभा संसदीय क्षेत्र से भाजपा द्वारा प्रत्याशी बनाए गए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर लगभग साठ लाख रूपए के मालिक है । इनके ,ारा विगत वर्ष आयकर के रूप में 26310 रू0 जमा कराया गया है । यह तथ्य नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत किए गए अपने शपथ पत्र में उजागर किए हैं । इस शपथ पत्र के अनुसार उनके पास 70 हजार रूपए नकद तथा उनकी पत्नी के पास 8 हजार रूपए व बडे लडके देवेन्द्र के पास 2 हजार रूपए नकद हैं । इनकी पुत्री निविदिता एवं दूसरे लडके प्रबल प्रताप सिंह के पास कुछ भी नकद राशि नही है । श्री तोमर के पास ग्वालियर, भोपाल, दिल्ली की विभिन्न बैंकों में कुल 7 लाख 63 हजार 703 रू0 जमा है । वहीं भारतीय जीवन बीमा निगम की तीन पालिसीयों में 26 लाख 45 हजार इनके नाम जमा है । 5 ग्राम सोना स्वयं तथा 25 ग्राम सोना इनकी पत्नी के पास है । बंदूक, रिवाल्वर के साथ ही भोपाल में माता मंदिर के पास मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाई गई कालोनी में 23 लाख रूपए का फलेट इनके द्वारा बुक कराया गया है , जिसके लिए भोपाल की ही पंजाब नेशनल बैंक से 17 लाख 80 हजार रूपए का लोन इनके द्वारा लिया गया है । पिछले वित्तीय वर्ष में आयकर के रूप में 26 हजार 310 रू0 की राशि श्री नरेन्द्र सिंह तोमर के द्वारा जमा कराया गया है ।
Wednesday, April 1, 2009
श्योपुर जिले मे 3 लाख 27 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेगें
श्योपुर जिले मे 3 लाख 27 हजार से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेगें
श्योपुर (उमेश सक्सेना )1 अप्रेल 2009 मरैना श्योपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत श्योपुर जिले की विधानसभा 01-श्योपुर और 02-विजयपुर के अंतर्गत आगामी 30 अपे्रल 09 को मतदान कराया जायेगा जिले में लोकसभा निर्वाचन के तहत कुल 3 लाख 27 हजार 791 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेगें । 30 अपे्रल 09 को मतदान होगा और 16 मई 09 को दोनो विधानसभा क्षेत्र की मतगणना शासकीय महाविद्यालय श्योपुर में कराई जायेगी । इस निर्वाचन के अंतर्गत 30 अपे्रल को जिले की श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के 1 लाख 69 हजार 230 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे । इसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या91 हजार 46 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 78 हजार 184 है । इसी प्रकार विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 78 हजार 184 है । जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 86 हजार 210 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 72 हजार 251 है । आगामी 30 अपे्रल को होन वाले लोकसभा निर्वाचन के लिए उक्त मतदाता जिले के 405 मतदान केन्द्रों पर इवीएम मशीन में बटन दबाकर अपने मत का प्रयोग करेंगे । इस प्रकार श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में 210 तथा विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 195 मतदान केन्द्र बनाये गये है । लोकसभा निर्वाचन स्वतंत्र, निष्पक्ष, एवं शांति पूर्ण निर्वाचन संपन्न कराने के लिए क्रिटीकल एवं बल्लेरेवल मतदान केन्द्रो को चिन्हित केन्द्रो पर फोर्स की विशेष व्यवस्था की जावेगी । प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक पीठासीन अधिकारी एवं 3 मतदान अधिकारी नियुक्ति किये जायेंगे । जिन मतदान केन्दों पर मतदाताओं की संख्या 1200 सं अधिक है । वहां एक अतिरिक्त मतदान अधिकारी की नियुक्ति की जायेगी । इसके अतिरिक्त जिन मतदान केन्द्रों पर पर्दानशी महिला तदाता हैं ऐसे मतदान केन्द्रों को चिन्हित कर निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ऐ ऐ महिला कर्मचारी की नियुक्ति की जायेगी । मतदान केन्द्रों के आस पास 200 मीटर की परिधि में किसी भी अभ्यार्थी द्वारा बूथ नही बनाया जा सकेगा । एक ही परिसर में एक से अधिक मतदान केन्द्र होने पर राजनैतिक दल या अभ्यार्थी एक ही बूथ बना सकेगें । इस निर्वाचन के अन्तर्गत आयोग की ओर से नियुक्त् पे्रक्षक क्षेत्र का भ्रमण कर संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखेंगे । साथ ही मतदान प्रक्रिया की सतत निगरानी के लिए चिन्हित मतदान केन्द्रों पर माइक्रो आब्जर्वर नियुक्त किये जायेंगे ।
श्योपुर (उमेश सक्सेना )1 अप्रेल 2009 मरैना श्योपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत श्योपुर जिले की विधानसभा 01-श्योपुर और 02-विजयपुर के अंतर्गत आगामी 30 अपे्रल 09 को मतदान कराया जायेगा जिले में लोकसभा निर्वाचन के तहत कुल 3 लाख 27 हजार 791 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेगें । 30 अपे्रल 09 को मतदान होगा और 16 मई 09 को दोनो विधानसभा क्षेत्र की मतगणना शासकीय महाविद्यालय श्योपुर में कराई जायेगी । इस निर्वाचन के अंतर्गत 30 अपे्रल को जिले की श्योपुर विधानसभा क्षेत्र के 1 लाख 69 हजार 230 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे । इसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या91 हजार 46 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 78 हजार 184 है । इसी प्रकार विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 78 हजार 184 है । जिसमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 86 हजार 210 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 72 हजार 251 है । आगामी 30 अपे्रल को होन वाले लोकसभा निर्वाचन के लिए उक्त मतदाता जिले के 405 मतदान केन्द्रों पर इवीएम मशीन में बटन दबाकर अपने मत का प्रयोग करेंगे । इस प्रकार श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में 210 तथा विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 195 मतदान केन्द्र बनाये गये है । लोकसभा निर्वाचन स्वतंत्र, निष्पक्ष, एवं शांति पूर्ण निर्वाचन संपन्न कराने के लिए क्रिटीकल एवं बल्लेरेवल मतदान केन्द्रो को चिन्हित केन्द्रो पर फोर्स की विशेष व्यवस्था की जावेगी । प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक पीठासीन अधिकारी एवं 3 मतदान अधिकारी नियुक्ति किये जायेंगे । जिन मतदान केन्दों पर मतदाताओं की संख्या 1200 सं अधिक है । वहां एक अतिरिक्त मतदान अधिकारी की नियुक्ति की जायेगी । इसके अतिरिक्त जिन मतदान केन्द्रों पर पर्दानशी महिला तदाता हैं ऐसे मतदान केन्द्रों को चिन्हित कर निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ऐ ऐ महिला कर्मचारी की नियुक्ति की जायेगी । मतदान केन्द्रों के आस पास 200 मीटर की परिधि में किसी भी अभ्यार्थी द्वारा बूथ नही बनाया जा सकेगा । एक ही परिसर में एक से अधिक मतदान केन्द्र होने पर राजनैतिक दल या अभ्यार्थी एक ही बूथ बना सकेगें । इस निर्वाचन के अन्तर्गत आयोग की ओर से नियुक्त् पे्रक्षक क्षेत्र का भ्रमण कर संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखेंगे । साथ ही मतदान प्रक्रिया की सतत निगरानी के लिए चिन्हित मतदान केन्द्रों पर माइक्रो आब्जर्वर नियुक्त किये जायेंगे ।
Sunday, March 29, 2009
विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे तीन नेताओं ने भाजपा में आस्था दिखाई
श्योपुर (उमेश सक्सेना )28 मार्च2009 भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को मुरैना-श्योपुर सीट से प्रत्याशी तय हो जाने से यह सीट प्रदेश के चुनाव के लाए महत्वपूर्ण हो गई हैं । नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रत्याशी हो जाने की स्थिति यह रही कि अन्य दलों के नेता भी भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष के साथ जुडने के लिए लालयित नजर आ रहे हैं , और किसी न किसी तरह भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के लिए रूपरेखा तैयार करने लगे हैं, और कुछ तो अपनी इस रूपरेखा को अमल में ले भी आए । 23 मार्च को बडौदा (श्योपुर ) में न्याययात्रा के प्रारम्भ के अवसर पर श्योपुर विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से बीते विधान सभा चुनाव में प्रत्याशी रहे मूलचंद रावत , दिनेश सिंघ्ाल (श्योपुर), महेश मुद्गल कराहल अपने समर्थको सहित भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए श्योपुर मेंनेताओं के इस प्रकार के दलबदल को सिर्फ स्वार्थ व सकीर्णता की पराकाष्ठा के रूप में देख रहे हैं वो इस लिए कि यह दलबदल का कार्य जिले के नेताओं के चरित्र के विपरीत है । भारतीय जनता पार्टी ने बसपा के ब्राहमणों वोटों में सेंध लगानें की गरज से कराहल क्षेत्र के महेश मुद्गल को भाजपा को अपनी पार्टी में शामिल किया है । इसी प्रकार कांग्रेस की मेथेमेटिक्स बिगाडने की गरज से मीणा बाहुल्य क्षेत्र में अपना दबदबा रखने वाले मूलचंद रावत को पार्टी में शामिल किया है इसी प्रकार भारतीय जनता पार्टी सेबागी होक भारतीय जनशक्ति पार्टी में चले गए दिनेश सिंघ्ाल एवं उनके कई साथियों को भाजपा में शामिल करने में कामयाबी प्राप्त कर ली है ।
Thursday, March 26, 2009
पानी के लिए तरसते मासूम सीहोर।
जानवरों की प्यास की चिंता करने वाले प्रशासन और नगर पालिका को शहर की जनता की प्यास की चिंता किस हद तक सता रही है कहना मुश्किल है। नगर के बीचोबीच स्थित एक विद्यालय के बच्चे पिछले कई दिनों से पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हालत यह है कि स्कूल का हर बच्चा जहां घर से पानी ला रहा है तो स्कूली खर्चे के लिए पानी स्कूली बुआ दूर दराज से ला रही है।नगर के बीचों-बीच स्थित सरस्वती विद्या मंदिर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा शिशु से लेकर आठवीं तक साढे चार सौ से अघिक बच्चे पढते हैं, दो शिफ्टों में लगने वाले विद्यालय में पीने के पानी के लिए कोई इंतजाम नहीं है, नगर पालिका का नल सप्ताह में एक बार आता है, उसमें भी ऎसा पानी आता है जो बच्चों के पीने लायक नहीं होता। हफ्ते में एक बार आने वाला पानी दो दिन भी नहीं चल पाता, इस कारण बाकी के चार दिन स्कूल में पेयजल की समस्या खडी हो जाती है, दूसरी ओर शिक्षक बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उस पानी का उपयोग करने से बचते हैं। पदस्थ बुआ को या तो बडा बाजार के लक्ष्मी नारायण मंदिर जाना पडता है। स्कूल प्रबंधन ने दिया आवेदनसरस्वती विद्या मंदिर में हो रही पानी की किल्लत को देखते हुए विद्यालय की प्रधानध्यापिका मीरा चौरसिया ने क्षेत्रीय पार्षद आशीष गहलोत के माध्यम से नगरपालिका को स्कूल के सामने से निकली ट्यूबवेल की पाइप लाइन से कनेक्शन देने का निवेदन किया है, यह आवेदन बीते 19 मार्च को दिया गया है, लेकिन सात दिनों के बाद भी इस आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। दूसरी ओर दिन पर दिन सूखते जल स्रोतों के कारण स्कूल में पानी उपलब्ध कराना मुश्किल होता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि स्कूल के पीछे स्थित एकमात्र हैण्डपंप को सूखे हुए दो महीने हो चुके हैं, इनके अलावा निकट में कोई अन्य पेयजल स्रोत भी नहीं है।
Wednesday, March 25, 2009
चुनाव आयोग का ग्रहण
मुरेना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के विकास का ब्लू प्रिंट बनेगा - नरेन्द्र सिंह
श्योपुर (उमेश सक्सेना )25 मार्च मुरेना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के विकास का ब्लू प्रिंट बनेगा - नरेन्द्र सिंह से दिमनी तक मुरैना , अम्बाह , जौरा होते हुए पूरे मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र के विकास का ब्लू प्रिट तैयार किया जाकर विकास सुनिश्चित किया जाएगा । मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी नरेन्द्र सिंह तोमर ने अपने संसदीय क्षेत्र के श्योपुर की उप तहसील बडौदा से अपनी न्यया यात्रा के प्रारंभ के अवसर पर आमसभा को सम्बोधित कर रहे थे । उन्होने कहा कि विकास का यह ब्लू प्रिंट क्षेत्र के सभी नागरिकों , जनप्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श कर बपाया जाएगा । बडौदा कस्बे के सब्जीमंडी चौक पर आयोजित हुई जनसभा को सम्बोधित करते हुए उन्होने कहा कि मुरैना-श्योपुर क्षेत्र के विकास के मामले में एक नम्बर का संसदीय क्षेत्र बनने की प्रक्रिया 30 अपे्रल के बाद आरंभ होगी । भाजपा प्रत्याशी तोमर ने जनता को विश्वास दिलाया कि इस सामूहिक रायशुमारी के बाद कृषि , स्वास्थ्य , शिक्षा एवं उद्योग से जुडी सभी परयोजनाओं को मध्यप्रदेश एवं केन्द्र में बनने वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार के साथ मिलकर विकास के धरातल पर उतारा जाएगा । श्री नरेन्द्र सिेह तोमर ने कहा कि देश में बढती मंहगाई , आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा में विफलता के लिए युपीए सरकार की नीतियों ही जिम्मेदार है ।इस अवसर पर बडौदा कस्बे में तोमर ने जुलूस के साथ जनसम्पर्क किया । आमसभा के बाद तोमर ने न्याय यात्रा के रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया । उसके बाद न्याय यात्रा का काफिला गांव गांव आगे बढ़ गया ।
Tuesday, March 24, 2009
श्योपुर प्रशासन द्वारा आचार संहिता की अनदेखीश्योपुर (उमेश सक्सेना) 24 मार्च 2009 मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र में होने जा रहे लोकसभा आम चुनाव 2009 के लिए यद्यपि मतदान 30 अपे्रल 2009 को होना तय है । तथापि आदर्श आचार संहिता तिथि घ्ाोषणा के साथ ही प्रभावशील हो गई है । जिला प्रशासन ने यह घ्ाोषणा भी की है कि शासकीय भवनों, खम्बों, पुल पुलिया, सहित सभी शासकीय सम्पतियों पर प्रचार प्रसार न करें । परन्तु श्योपुर प्रशासन ने सिर्फ घ्ाोषणा ही कर दी है । इन घ्ाोषणाओं को अमल में नही लाया है । श्योपुर रेल्वे प्लेटफार्म के सामने ही मुख्य रेल पथ निरीक्षक का कार्यालय एवं भंडार गृह एवं वहीं मुख्य रेल पथ निरीक्षक का निवास के चारो ओर की बाउन्ड्री वाल पर मध्यप्रदेश सरकार के विकास कार्यों से संबंधित नारे लिखे हुए है । जैसे - प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं के लिए नई सडकों का विकास तीन वष्र में 41 हजार किलोमीटर नई सडकों का निर्माण ।मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का संदेश स्वर्णिम बने अपना मध्यप्रदेश ।खेतिहर श्रमिको के लिए मुख्यमंत्री खेतिहर मजदूर सुरक्षा योजना अब तक 14 लाख मजदूरों का पंजीयन । आदि नारे लिखे हुए हैं । यह श्योपुर शहर की मुख्य जगह है जहाँ से हजारों की संख्या में लोग निकलते हैं । वहीं रेल्वे प्लेटफार्म के कोन पर जिला पंचायत के होर्डिंग भी लगे हुए , परन्तु जिला प्रशासन ने अभी तक नही इन नारों को मिटवाया है और न ही होर्डिंग को हटवाने की कार्यवाही की है ।
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